- 12 बच्चों की जांच में तीन क्लेफ्ट लिप-क्लेफ्ट पैलेट की सर्जरी के लिए फिट, दो टंग टाई के बच्चे भी भेजे गए
वैशाली। जन्मजात क्लेफ्ट लिप, क्लेफ्ट पैलेट और टंग टाई से प्रभावित पांच बच्चों के लिए इलाज की राह आसान हुई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के विशेष अभियान के तहत इन बच्चों को निःशुल्क सर्जरी के लिए गुरुवार को पटना भेजा गया। इनमें तीन बच्चों की क्लेफ्ट लिप और क्लेफ्ट पैलेट की सर्जरी मेडिवर्सल मैत्री हॉस्पिटल, पटना में स्माइल ट्रेन इंडिया के माध्यम से निःशुल्क कराई जाएगी। वहीं, टंग टाई से प्रभावित दो बच्चों को आवश्यक जांच और सर्जरी के लिए एनएमसीएच, पटना भेजा गया है।
विशेष शिविर में 12 बच्चों की हुई जांच:
अभियान के तहत वैशाली से 12 बच्चों को मेडिवर्सल मैत्री हॉस्पिटल, पटना में आयोजित विशेष शिविर में जांच और उपचार के लिए भेजा गया था। जांच के बाद तीन बच्चों को सर्जरी के लिए फिट पाया गया। कुछ बच्चों में सर्दी-खांसी की समस्या मिली, जबकि कुछ बच्चे कम वजन के पाए गए। उन्हें आवश्यक पोषण संबंधी अनुपूरक उपलब्ध कराते हुए आगे की जांच के लिए बुलाया गया है।
सर्जरी के लिए फिट पाए गए तीन बच्चों को गुरुवार को एम्बुलेंस से उनके माता-पिता के साथ पटना भेजा गया। बच्चों और अभिभावकों के आने-जाने की व्यवस्था एम्बुलेंस से की गई है। अस्पताल में उपचार के दौरान करीब तीन से चार दिनों तक बच्चों के रहने, भोजन और आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
समय पर पहचान से बच्चों के विकास में होगा सुधार:
आरबीएसके की जिला समन्वयक डॉ. शाइस्ता ने कहा कि वैशाली में आरबीएसके के चलंत चिकित्सा दल द्वारा ऐसे बच्चों की लगातार पहचान की जा रही है। इसमें आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। समय पर पहचान और उपचार मिलने से क्लेफ्ट लिप और क्लेफ्ट पैलेट के कारण बच्चों को बोलने और भोजन करने में होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है। इससे बच्चों के पोषण और सामान्य विकास में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान से लेकर जांच, सर्जरी और उपचार के बाद निगरानी तक स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अपने क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान कर आरबीएसके टीम तक पहुंचाने की अपील की, ताकि कोई भी पात्र बच्चा उपचार से वंचित न रहे।
ऑपरेशन के बाद भी होगी निगरानी:
सिविल सर्जन डॉ. आर. के. साहू ने कहा कि आरबीएसके के विशेष अभियान के तहत चिन्हित बच्चों का आवश्यकतानुसार जल्द निःशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा। ऑपरेशन के बाद नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बच्चों को उपचार का पूरा लाभ मिल सके।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. कुमार मनोज ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से क्लेफ्ट लिप और क्लेफ्ट पैलेट से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें जल्द निःशुल्क सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। समय पर उपचार मिलने से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सामान्य जीवन की दिशा में मदद मिलेगी।
बच्चों को शुभकामनाओं के साथ हरी झंडी दिखाकर पटना के लिए रवाना किया गया। इस दौरान आरबीएसके की जिला समन्वयक डॉ. शाइस्ता, आरबीएसके के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार सौरभ समेत संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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