राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन की तैयारी तेज, मरीजों से भी लिया गया सेवाओं का फीडबैक
हाजीपुर। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मीनापुर में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत दो दिवसीय राज्य स्तरीय मूल्यांकन बुधवार को संपन्न हो गया। 29 और 30 सितंबर को हुए मूल्यांकन में स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं, व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं की निर्धारित मानकों के आधार पर बिंदुवार जांच की गई।
राज्य स्तर से प्रतिनियुक्त मूल्यांकन दल में श्रीमती अनुबाला भारती और एम्स पटना की नर्सिंग ट्यूटर के. अनुपमा देवी शामिल थीं। टीम ने ओपीडी, दवा भंडारण एवं वितरण, प्रयोगशाला, अभिलेख व रिकॉर्ड संधारण, संक्रमण नियंत्रण, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जांच की गई।
12 चेकलिस्ट के आधार पर हुई जांच:
एनक्यूएएस के तहत निर्धारित 12 चेकलिस्ट के विभिन्न बिंदुओं पर दस्तावेजों और स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता और रिकॉर्ड संधारण की स्थिति भी देखी।
मरीजों से भी स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं और सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया गया। इसमें उपचार, स्वास्थ्यकर्मियों के व्यवहार, दवा की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, स्वच्छता और स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाली समग्र सेवाओं के बारे में जानकारी ली गई।
राष्ट्रीय मूल्यांकन की तैयारी शुरू करने का निर्देश:
मूल्यांकन के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) डॉ. कुमार मनोज और डीएम एंड ई सह-प्रभारी सह अर्बन कंसल्टेंट श्री ऋतुराज का मार्गदर्शन मिला। लेखपाल श्री अमर भारद्वाज समेत चिकित्सकों, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर और स्वच्छता कर्मियों ने मूल्यांकन की तैयारियों में सक्रिय सहयोग किया।
मूल्यांकन के बाद डीपीएम डॉ. कुमार मनोज ने स्वास्थ्य केंद्र की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कर्मियों को राष्ट्रीय स्तर के एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारी अभी से शुरू करने और गुणवत्ता मानकों को लगातार बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में वैशाली जिले के तीनों शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्यूएएस और कायाकल्प प्रमाणीकरण की दिशा में आगे ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, अभिलेख संधारण और मरीज-केंद्रित सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
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