- धर्म समाज रोड बना गांधी स्मृति रोड, इसी मोहल्ले में गोरख बाबू के मकान में ठहरे थे महात्मा गांधी; 1917 में यहीं से चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत
अशोक वर्मा
मोतिहारी। नगर का धर्म समाज रोड महात्मा गांधी की चंपारण यात्रा और सत्याग्रह की ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी इसी मोहल्ले में गोरख बाबू, जो वकील थे, के मकान में ठहरे थे। यहीं से उन्होंने चंपारण में सत्याग्रह की शुरुआत की थी। आज 109 वर्ष बाद भी इस इलाके में गांधी की स्मृतियां लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
गांधीजी के चंपारण पहुंचने के बाद तत्कालीन जिला प्रशासन ने उन पर धारा 144 के तहत जिला छोड़ने का आदेश दिया था। गोरख बाबू के मकान में रहते हुए गांधीजी ने स्वयं अपना बयान तैयार किया और 18 अप्रैल 1917 को अदालत में उपस्थित होकर अंग्रेज प्रशासन के सामने अपना बयान पढ़कर सुनाया। गांधीजी के इस निर्भीक रुख से अदालत में उपस्थित लोग प्रभावित हुए। इसके बाद उनके विरुद्ध लगाए गए धारा 144 के मामले को वापस ले लिया गया।
इसी ऐतिहासिक मोहल्ले में रहने वाले गांधी भक्त तारकेश्वर प्रसाद पिछले 27 वर्षों से महात्मा गांधी को भगवान का स्वरूप मानकर सर्वधर्म गांधी पूजनोत्सव आयोजित करते आ रहे हैं। उनकी गांधी पूजा की परंपरा अपने आप में अनूठी है। इसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधि एवं धर्मगुरु एक साथ बैठते हैं और विधि-विधान से हवन एवं पूजा-अर्चना कर गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
उम्र के आठवें दशक में पहुंच चुके तारकेश्वर प्रसाद अस्वस्थ रहने के बावजूद इस वर्ष भी गांधी पूजा की परंपरा को नहीं छोड़ा और विधिवत पूजनोत्सव संपन्न कराया। कार्यक्रम में गांधी विचारधारा से जुड़े अनेक लोग शामिल हुए और उन्होंने गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।
कोटवा से पहुंचे शिवकुमार साहू ने कहा कि गांधी आज समय की मांग हैं। गांधी के विचारों के माध्यम से ही दुनिया में शांति स्थापित की जा सकती है।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा कि आज देश गांधी और संविधान के मूल्यों से विपरीत दिशा में जाता दिखाई दे रहा है। गांधी ने जिस भारत का सपना देखा था, उसके सामने आज अनेक चुनौतियां हैं। चंपारण के लोगों को एक बार फिर अपनी शक्ति का एहसास कराकर देश को सही दिशा देने में योगदान करना होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सेनानी परिवार के जिलाध्यक्ष कौशल किशोर पाठक ने कहा कि आजादी की लड़ाई के समय जिस तरह स्वतंत्रता सेनानियों ने दलगत संकीर्णता से ऊपर उठकर संघर्ष किया था, आज फिर उसी भावना की जरूरत है। दलगत संकीर्णता को तोड़कर हमें मिल-जुलकर नए भारत के निर्माण में अपनी शक्ति लगानी होगी।
तारकेश्वर प्रसाद के पुत्र वरुण कुमार ने कहा कि उनके पिता ने जिस गांधी पूजा की परंपरा को शुरू किया है, वह आगे भी जारी रहेगी। गांधी बाबा की पूजा की यह परंपरा बंद नहीं होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी इसे आगे बढ़ाएंगी।
पूजनोत्सव के बाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अंत में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
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