मोहनिया। कैमूर जिले के मोहनिया में चांदनी चौक पर ई-रिक्शा चालकों से कथित तौर पर रंगदारी मांगने और मारपीट किए जाने के आरोप को लेकर शनिवार को चालकों का आक्रोश सामने आया। करीब 30 से 40 की संख्या में ई-रिक्शा चालक पटना मोड़ के समीप एकजुट हुए और अपनी समस्याओं को लेकर विरोध जताया। इसके बाद सभी चालक एक साथ मोहनिया थाना पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
ई-रिक्शा चालक संदीप कुमार सहित अन्य चालकों ने आरोप लगाया कि चांदनी चौक पर जयप्रकाश मल्लाह नामक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से ई-रिक्शा चालकों से जबरन पैसे की मांग की जाती है। चालकों का कहना है कि वे अपने वाहनों से यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करते हैं, लेकिन चांदनी चौक पर सवारी बैठाने और उतारने के दौरान उन्हें कथित रूप से परेशान किया जाता है।
चालकों ने आरोप लगाया कि पैसे देने से इनकार करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती है। इतना ही नहीं, ई-रिक्शा को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों को लेकर चालकों में नाराजगी देखी गई। प्रदर्शन के दौरान चालकों ने प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और कथित रूप से जबरन पैसे मांगने की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
चालकों का कहना है कि ई-रिक्शा चलाकर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में यदि वाहन चलाने के दौरान उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा तो उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो सकता है। चालकों ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
थाने पहुंचने के बाद चालकों ने पुलिस अधिकारियों को अपनी शिकायत और आरोपों से अवगत कराया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया।
इस संबंध में मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा चालक शिकायत लेकर थाना पहुंचे थे। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले को लेकर ई-रिक्शा चालकों की शिकायत के बाद चांदनी चौक क्षेत्र में कथित अवैध वसूली और चालकों के साथ व्यवहार का मुद्दा चर्चा में है।
इस खबर में लगाए गए आरोप संबंधित पक्ष के दावे पर आधारित हैं। क्राइम खबर चैनल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
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