18रामगढ़ में सेना जवान को जलाने के मामले में नया मोड़, CCTV फुटेज ने खड़े किए कई सवाल
रामगढ़ Kaimur। रामगढ़ थाना क्षेत्र में छुट्टी पर आए सेना के जवान को पेट्रोल डालकर जलाने के मामले की जांच में करीब 40 घंटे के भीतर पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज के अध्ययन के बाद पुलिस अब घटना के पूरे घटनाक्रम को नए सिरे से जोड़ रही है। जांच में सामने आए CCTV फुटेज ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।
पुलिस के अनुसार, देवहलिया-रामगढ़ मुख्य पथ के किनारे लगे CCTV कैमरे में सेना का जवान लाल रंग की शर्ट और हल्के नारंगी रंग का गमछा चेहरे पर बांधे अकेले स्कूटी चलाते हुए दिखाई दे रहा है। फुटेज में करीब 3:50 बजे वह मुख्य सड़क से वार्ड संख्या एक की ओर जाने वाली गली में प्रवेश करता नजर आता है।
जांच में सबसे अहम बात यह सामने आई कि करीब 4:10 बजे वही जवान उसी रास्ते से स्कूटी पर अकेले वापस लौटता दिखाई देता है। पुलिस के अनुसार, इस दौरान उसके शरीर पर शर्ट नहीं थी और वह सहूका स्थित अपने घर की दिशा में जाता नजर आ रहा है।
बाउंड्री वॉल फांदकर हाते में जाने का फुटेज
पुलिस को स्कॉर्पियो वाले हाते के सामने लगे एक अन्य CCTV कैमरे से भी महत्वपूर्ण फुटेज मिला है। इसमें लाल शर्ट पहने जवान पहले गेट के आसपास चहलकदमी करता दिखाई देता है। इसी दौरान काले रंग की शर्ट पहने एक अन्य युवक भी वहां पहुंचता नजर आ रहा है।
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में वह युवक पहले से गली में रेकी करता हुआ भी दिखाई देता है। इसके बाद जवान मुख्य गेट से अंदर जाने के बजाय बाउंड्री वॉल फांदकर हाते में प्रवेश करता नजर आता है। कुछ देर बाद वह उसी बाउंड्री वॉल को फांदकर बाहर निकलता दिखाई देता है।
जले कपड़े और लाइटर की भी जांच
करीब 40 घंटे की जांच में पुलिस घटनास्थल, घायल जवान के फर्द बयान, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि स्कॉर्पियो में आग कैसे लगी, घटनास्थल से मिले जले कपड़े और लाइटर का घटना से क्या संबंध है और जवान के घटनास्थल तक पहुंचने तथा वहां से वापस लौटने की वास्तविक वजह क्या थी।
थानाध्यक्ष बोले- साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
रामगढ़ थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि मामले के प्रत्येक बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया आर्मी जवान और उनकी पत्नी द्वारा पुलिस को गुमराह किए जाने की आशंका प्रतीत हो रही है। थानाध्यक्ष के अनुसार, वाराणसी में जमीन खरीद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा है और न्यायालय में भी मामला लंबित है।
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पुलिस सभी साक्ष्यों को एकत्र कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को फिलहाल पीआर बॉन्ड पर छोड़ा जा रहा है।
फिलहाल CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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