22बिहार : NIA की छापेमारी में गलत फ्लैट से ₹20 लाख कैश बरामद
राजधानी पटना में सोमवार, 7 सितंबर की शाम NIA और STF की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में NIA की टीम एक अपार्टमेंट में छापेमारी करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि टीम को फ्लैट नंबर 609 में कार्रवाई करनी थी, लेकिन टीम गलती से दूसरे फ्लैट में पहुंच गई। हालांकि, गलत फ्लैट में पहुंचने के बावजूद जांच एजेंसी के हाथ बड़ी रकम लग गई।
गलत फ्लैट में पहुंची टीम, युवक ने भागने की कोशिश की
जानकारी के मुताबिक, जूडियो मॉल के पास स्थित अपार्टमेंट में NIA और STF की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। टीम गलती से जिस फ्लैट में दाखिल हुई, वहां मोतिहारी के चकिया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-17 निवासी अनमोल कुमार मोदी रह रहा था।
अचानक घर पर NIA और STF की टीम को देखकर अनमोल घबरा गया। वह फ्लैट से नीचे आया और अपनी स्कूटी लेकर वहां से निकलने की कोशिश करने लगा। युवक के इस व्यवहार से जांच एजेंसियों को शक हुआ। टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
स्कूटी की डिक्की से मिला ₹20 लाख कैश
पुलिस और जांच एजेंसियों ने जब अनमोल कुमार मोदी की स्कूटी की तलाशी ली तो उसकी डिक्की के अंदर एक झोला मिला। झोले की जांच करने पर उसमें करीब 20 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई।
इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद अधिकारियों ने अनमोल से पैसों के संबंध में पूछताछ की। बताया जा रहा है कि वह बरामद रकम के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद एजेंसियों ने नगदी जब्त करते हुए अनमोल कुमार मोदी को गिरफ्तार कर लिया।
हवाला से जुड़े होने की आशंका, साइबर फ्रॉड एंगल भी जांच के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को आशंका है कि अनमोल कुमार हवाला कारोबार से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि बरामद 20 लाख रुपये का संबंध हवाला, साइबर फ्रॉड या किसी अन्य गैर-कानूनी गतिविधि से तो नहीं है।
इनकम टैक्स को दी गई जानकारी
बरामद नगदी की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को भी दी गई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इसे किसके पास पहुंचाया जाना था और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था।
फिलहाल, पूरे मामले में जांच जारी है। गलत फ्लैट में हुई कार्रवाई के दौरान बरामद 20 लाख रुपये ने इस छापेमारी को बेहद अहम बना दिया है। एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही नगदी के असली स्रोत और इसके पीछे की पूरी कहानी सामने आ सकेगी।
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