30कैमूर : मच्छर भगाने के लिए जलाई आग बनी आफत, तीन झोपड़ियां जलकर राख; दो बकरियों व दर्जनों मुर्गों की मौत
रामगढ़/कैमूर। कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के बहपुरा गांव में देर रात हुई भीषण अगलगी की घटना ने तीन परिवारों को भारी नुकसान पहुंचाया। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते तीन झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और उनमें रखा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। इस घटना में दो बकरियों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 से 12 मुर्गे भी आग की चपेट में आने से मर गए। वहीं एक भैंस झुलस गई है।
अगलगी की घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर रात आग की तेज लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। हालांकि तब तक आग तीन झोपड़ियों में फैल चुकी थी और काफी नुकसान हो चुका था।
बताया जा रहा है कि इस अगलगी की घटना में बहपुरा गांव निवासी लल्लन बिंद, सोहन बिंद और कमली देवी की झोपड़ियां प्रभावित हुई हैं। पीड़ित परिवारों के अनुसार, झोपड़ियों में रखा खाने-पीने का सामान, कपड़े और अन्य जरूरी घरेलू वस्तुएं आग में जलकर नष्ट हो गईं। पीड़ितों ने यह भी बताया कि घर में रखे कुछ नगद रुपये भी आग की चपेट में आकर जल गए हैं।
मच्छरों से बचाव के लिए जलाई गई आग से चिंगारी फैलने की आशंका
घटना को लेकर समाजसेवी चंदन बिंद ने बताया कि देर रात मच्छरों से बचाव के लिए आग जलाई गई थी। इसी दौरान आग की चिंगारी झोपड़ी तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। चंदन बिंद के अनुसार, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक तीन झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया।
झोपड़ियां होने के कारण आग तेजी से फैल गई। आग की तेज लपटों के बीच लोगों ने अपनी जान और पशुओं को बचाने की कोशिश की, लेकिन दो बकरियों और कई मुर्गों को बचाया नहीं जा सका। वहीं एक भैंस आग की चपेट में आने से झुलस गई।
डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना पीड़ित परिवारों द्वारा डायल 112 की टीम को दी गई। सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी लेते हुए मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस टीम ने पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई।
अगलगी के बाद प्रभावित परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गरीब परिवारों की झोपड़ियां और उनमें रखा जरूरी सामान जल जाने से उनके सामने रहने और खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को प्रशासन से उचित सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
बहपुरा गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आग से बचाव को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। खासकर झोपड़ीनुमा घरों में छोटी सी चिंगारी भी कुछ ही समय में बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है।
30
30
Leave a review
