भभुआ/कैमूर। कैमूर जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वीडियो के सत्यापन और मामले की जांच के बाद पुलिस विभाग की गरिमा के विपरीत आचरण पाए जाने पर कैमूर के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने दो पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही दोनों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के संबंध में गंभीरता से जांच कराई गई। जांच के क्रम में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो चैनपुर थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह का है, जो करीब दो वर्ष पुराना बताया जा रहा है।
वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिस पदाधिकारियों की पहचान के बाद मामले की गहन जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों के आचरण को लेकर सवाल उठे। बताया गया कि समारोह में मौजूद कुछ व्यक्तियों के साथ पुलिस पदाधिकारियों के व्यवहार को विभागीय अनुशासन और पुलिस आचरण के प्रतिकूल माना गया।
मामले की जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचने के बाद SP शिखर चौधरी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दोनों पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद महकमे में भी अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार, वर्दी केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। ऐसे में किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा अपने कर्तव्य और आचरण के दौरान विभाग की गरिमा के विपरीत व्यवहार को गंभीरता से लिया जाएगा।
कैमूर पुलिस ने साफ किया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की गलती सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने उसे नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि सत्यापन और जांच के बाद कार्रवाई की। SP शिखर चौधरी की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
कैमूर पुलिस का संदेश स्पष्ट है—वर्दी की गरिमा सर्वोपरि है और अनुशासन से समझौता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
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