रामगढ़ (कैमूर)। कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड क्षेत्र में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। विशेष रूप से रामगढ़ क्षेत्र से होकर बहने वाली दुर्गावती नदी में बढ़ते पानी को देखकर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं नदी किनारे खेती करने वाले किसान भी अपनी फसलों को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं।
बारिश के लगातार जारी रहने के कारण प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न नदियों और जलधाराओं में पानी बढ़ रहा है। दुर्गावती नदी की तस्वीरों में भी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है। नदी के आसपास रहने वाले लोग लगातार पानी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और बारिश के आगे के हालात को लेकर चिंतित हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने नदी किनारे और आसपास के क्षेत्रों में काफी खर्च कर सब्जियों सहित विभिन्न फसलों की खेती की है। खेती में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर बड़ी रकम खर्च की गई है। ऐसे में नदी का पानी लगातार बढ़ने से किसानों के सामने फसलों को बचाने की चिंता खड़ी हो गई है।
किसानों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा और दुर्गावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता रहा, तो नदी किनारे स्थित खेतों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। इससे उनकी मेहनत और खेती दोनों प्रभावित हो सकती हैं। कई किसान सुबह और शाम नदी के जलस्तर की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
रामगढ़ क्षेत्र में बारिश के बाद बदले मौसम और नदियों की स्थिति ने लोगों को सतर्क कर दिया है। हालांकि फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर लगातार नदी के बढ़ते पानी पर बनी हुई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
दुर्गावती नदी कैमूर जिले के कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण नदी है और बरसात के दिनों में इसके जलस्तर में होने वाले बदलाव पर स्थानीय लोगों की विशेष नजर रहती है। बारिश अधिक होने पर नदी का पानी तेजी से बढ़ सकता है, जिससे आसपास के गांवों और खेती वाले क्षेत्रों में चिंता की स्थिति पैदा हो जाती है।
रामगढ़ में इस समय सबसे अधिक परेशानी उन किसानों की है, जिन्होंने नदी किनारे सब्जी की खेती की है। किसानों के अनुसार खेती तैयार करने में उनकी काफी पूंजी लगी हुई है और फसल को नुकसान होने की स्थिति में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जानी चाहिए। बारिश की स्थिति और नदी के पानी में आगे होने वाले बदलाव के आधार पर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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