खबर बिहार के समस्तीपुर जिले की है जहां विभुतिपुर प्रखंड क्षेत्र के भुसवर पंचायत के बसौना गांव में करीब 3 करोड़ की लागत से बन रहे पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और घटिया निर्माण का मामला सामने आया है। स्थिति यह है कि भवन का उद्घाटन होने के कुछ ही दिनों बाद ही प्लास्टर टूटकर गिरने लगा, दीवारों में लंबी दरारें पड़ गईं और कई जगहों पर कॉलम से सरिया बाहर दिखाई देने लगा। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और लोगों ने निर्माण कार्य बंद करा दिया है। बताया जाता है कि करीब एक माह पूर्व ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिमोट के माध्यम से इस पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन किया था, जबकि उस समय भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ था। सबसे हैरानी की बात यह है कि अधूरे निर्माण को पूर्ण दिखाकर उद्घाटन कर दिया गया। निर्माण स्थल पर लगे शिलापट्ट के अनुसार इस भवन के निर्माण कार्य की शुरुआत 19 मार्च 2024 को हुई थी, जबकि कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 18 सितंबर 2025 अंकित है। जिससे तय समय में ही भवन को तैयार दिखाकर उद्घाटन कर दिया गया, लेकिन अभी बहुत सारे काम बांकी है। अभी फिलहाल फर्श में टाइल्स लगाया ही जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में अत्यंत निम्न स्तर की ईंट, सीमेंट और बालू का उपयोग किया गया है। कई जगहों पर प्लास्टर हाथ लगाने से ही झड़ जा रहा है। फर्श पर बिना सही ढलाई किए ही टाइल्स लगाया जा रहा है। भवन के कॉलम से सरिया बाहर दिखाई दे रहा है और सरिया को हिलाने पर गिट्टी-बालू का मिश्रण नीचे गिरने लगता है।
हाल ही में हुई बारिश के बाद दीवारों पर किया गया प्लास्टर और रंग उखड़कर गिर पड़ा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता की पूरी पोल खुल गई। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर वीडियो और फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से घटिया निर्माण कराया जा रहा है और शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आरोप यह भी है कि शिकायत करने पर ठेकेदार ने फोन कर यहां तक कह दिया कि जहां शिकायत करना है कर दीजिए, कुछ नहीं होगा। स्थानीय मुखिया रंजीत कुमार महतो ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित पदाधिकारियों को सूचना दे दी गई है और भवन की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। पंचायत समिति सदस्य प्रदीप कुमार ने भी बीडीओ, डीडीसी एवं डीएम से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस भवन में पंचायत का काम होना है, उसकी हालत अभी से ही खराब है, आगे चलकर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर काम बंद करा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उच्च स्तरीय जांच नहीं होगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। लोगों ने जिला प्रशासन से मौके पर पहुंचकर जांच करने की मांग की है।
इस संबंध में कनीय अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद ठेकेदार को कहकर फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। इसकी जांच की जाएगी । ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन पर पंचायत और आम जनता की उम्मीद टिकी है, उसी भवन में उद्घाटन के तुरंत बाद दरार पड़ जाना और प्लास्टर गिरना बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
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