बिहार के सारण जिले में बिते दिनों जहरीली शराब से 5 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी सूरज महतो के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। पुलिस सूरज को गिरफ्तार कर उसे हथियार बरामद करने के लिए ले जा रही थी।
इसी दौरान उसने हथियार निकालकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। वो भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने उसे दौड़ाकर गोली मारी। गोली उसके पैर में लगी है। इसके बाद उसे छपरा सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है।
पुलिस के अनुसार, छपरा में हाल में जहरीली शराब से 5 लोगों की मौत हुई थी। इसमें पानापुर थाना क्षेत्र के मिथाव गांव के सूरज महतो की भी भूमिका सामने आई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि सूरज महतो कटिहार जिले में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे सारण लेकर आ रही थी। पूछताछ के दौरान आरोपी से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अन्य ठिकानों और उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी ली जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस टीम उसे मशरख थाना क्षेत्र के सिमरी चंवर में स्प्रिट और अवैध शराब से जुड़े सामान की तलाश के लिए लेकर गई।
बताया जाता है कि इस दौरान सूरज महतो ने मौका पाकर छिपाकर रखे हथियार से अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश करने लगा। अचानक हुई इस घटना से पुलिसकर्मी सतर्क हो गए और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोली सूरज महतो के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा।
इसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसका इलाज जारी है और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।
इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ज़हरीली शराब के इस अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आपको बता दे कि जहरीली शराब से मौत की शुरुआत 11 मार्च की रात से हुई, जब मशरक थाना क्षेत्र के चंद्रमा महतो के बेटे संतोष महतो की मौत हो गई। जिला प्रशासन के अनुसार, संतोष महतो की तबीयत कई दिनों से खराब थी और उन्होंने तीन दिनों से खाना भी नहीं खाया था। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।
हालांकि, जब तक प्रशासन को घटना की जानकारी मिली, तब तक परिवार वालों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। इस वजह से पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया और मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। वहीं, संतोष के डॉक्टर की रिपोर्ट में एल्कोहल इनहेल की बात सामने आई है। इसकी जांच पुलिस कर रही है।
दूसरी मौत 12 मार्च की रात पानापुर थाना क्षेत्र के धेनुकी गांव निवासी सुकन नट की हुई। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल मैक्स में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 13 मार्च की सुबह उनका शव छपरा लाया गया, जहां सदर अस्पताल में उनका पोस्टमॉर्टम कराया गया
13 मार्च को मशरक और पानापुर इलाके में तीन और लोगों की मौत हो गई। मशरक के पूरब टोला निवासी पंकज कुमार सिंह की सुबह 10 बजे मौत हो गई। इसके बाद दोपहर में मशरक के रघुवर महतो और पानापुर के दूबौली गांव निवासी धर्मेंद्र राय की भी मौत हो गई।
इन तीनों का भी परिवारवालों ने बिना पोस्टमॉर्टम के अंतिम संस्कार कर दिया। इस तरह तीन दिनों में कुल पांच लोगों की मौत सामने आई है।
क्राइम खबर के लिए सारण से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
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