बिहार का स्वास्थ्य क्षेत्र अब तकनीक के मामले में देश के बड़े राज्यों को टक्कर देने के लिए तैयार है। पटना के IGIMS (Indira Gandhi Institute of Medical Sciences) ने चिकित्सा जगत में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। संस्थान में आंत के कैंसर (Bowel Cancer) को जड़ से खत्म करने के लिए रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही, राजधानी के राजेंद्र नगर नेत्र अस्पताल को भी जल्द ही अपना ‘आई बैंक’ मिलने वाला है।
IGIMS में ‘दा विन्सी’ रोबोट का कमाल: कैंसर सर्जरी अब और भी सटीक
बिहार के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार ₹30 करोड़ की लागत वाली अत्याधुनिक ‘दा विन्सी’ रोबोटिक प्रणाली से सफल ऑपरेशन किए गए हैं। मंगलवार को दो मरीजों की सर्जरी के साथ ही बिहार इस आधुनिक तकनीक को अपनाने वाला प्रमुख राज्य बन गया है।
रोबोटिक सर्जरी के क्रांतिकारी फायदे:
360 डिग्री सटीकता: रोबोटिक हाथ उन संकीर्ण जगहों तक पहुँच सकते हैं जहाँ इंसानी हाथ नहीं पहुँच पाते। इससे कैंसर की गांठों को पूरी तरह निकालना आसान होता है।
न्यूनतम रक्तस्राव और दर्द: पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में इसमें बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे खून का बहाव कम होता है और मरीज को दर्द भी कम होता है।
जल्द रिकवरी: मरीज को अस्पताल से बहुत जल्दी छुट्टी मिल जाती है और वह अपने सामान्य जीवन में वापस लौट सकता है।
सस्ता इलाज: निजी अस्पतालों में जहाँ इस सर्जरी का खर्च लाखों में है, वहीं IGIMS में यह सुविधा महज ₹50,000 के आसपास उपलब्ध होगी।
राजेंद्र नगर नेत्र अस्पताल: पटना का 5वां ‘आई बैंक’
नेत्रहीनों के जीवन में रोशनी लाने के लिए बिहार सरकार एक और बड़ा कदम उठा रही है। राजेंद्र नगर राजकीय नेत्र अस्पताल में पटना का पांचवा आई बैंक खोलने की तैयारी अंतिम चरण में है।
कॉर्निया ट्रांसप्लांट में तेजी: अब तक पटना में PMCH, IGIMS, AIIMS और NMCH में ही आई बैंक की सुविधा थी। नए आई बैंक से कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची (Waiting List) कम होगी।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: अस्पताल में 5 नए अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (OT) और प्रतिदिन 600 मरीजों को ओपीडी सेवा देने की क्षमता विकसित की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री करेंगे औपचारिक उद्घाटन
रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सोमवार (16 मार्च 2026) को रोबोटिक सर्जरी यूनिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा न केवल आंत के कैंसर बल्कि किडनी और प्रोस्टेट से संबंधित गंभीर बीमारियों के इलाज में भी गेम-चेंजर साबित होगी।
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