शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब ने अपना कहर बरसाया है जहरीली शराब पीने से अबतक 3 लोगो की मौत होने की बात सामने आ रही है जबकि 5 लोगो के आंखो की रौशनी भी जाने की बात बताई जा रही है। आपको बता दे कि यह पूरा मामला बिहार के सारण जिले की है।
मिली जानकारी के अनुसार जिले के मशरख और पानापुर इलाकों में जहरीला शराब पीने से 3 की मौत हो गई वहीं 5 को सदर अस्पताल छपरा रेफर किया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें उल्टी, सिर दर्द और आंखों की रोशनी जाने जैसी शिकायतें हुई थीं। इसी क्रम में मशरख तख्त निवासी संतोष महतो की भी मौत हुई थी, जिनकी आंखों की रोशनी भी चली गई थी। मशरख और पानापुर इलाकों में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने की कई घटनाएं सामने आई हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
वही आपको बता दे कि प्रशासन अभी भी इन मौतों को जहरीली शराब से जोड़ने से इनकार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं लगातार हो रही मौतों के बाद इलाके के लोगों में आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा मसरख और आसपास के क्षेत्र में स्थानीय पुलिस मध्य निषेध विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। सभी संदिग्ध स्थानों की घेराबंदी कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह थम नहीं पाया है। सारण जिले में इससे पहले भी जहरीली शराब की घटनाओं के लिए सुर्खियों में रहा है। दिसंबर 2022 में मशरक, इसुआपुर और अमनौर थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने से 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अक्टूबर 2024 में सारण, सिवान और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से तीन दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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