उत्तर प्रदेश के बरेली-पीलीभीत रोड से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप ‘विज्ञान या चमत्कार’ की बहस में उलझ जाएंगे। जहां आमतौर पर खराब सड़कें और गड्ढे लोगों की जान लेते हैं, वहीं पीलीभीत की एक महिला के लिए सड़क का एक गहरा गड्ढा ‘संजीवनी’ साबित हुआ।
11 मार्च 2026 की यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे लोग ‘कुदरत का करिश्मा’ कह रहे हैं।
क्या है पूरा मामला? (The ‘Miracle’ Incident)
अस्पताल ने खड़े किए हाथ: पीलीभीत की रहने वाली मुन्नी देवी (बदला हुआ नाम) को गंभीर बीमारी के चलते बरेली के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया और परिजनों से उन्हें घर ले जाने को कह दिया।
मातम के बीच घर वापसी: परिजन रोते-बिलखते महिला को एम्बुलेंस में लेकर पीलीभीत वापस जा रहे थे। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं और रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई थी।
वो एक ‘चमत्कारी’ झटका: बरेली से निकलते ही पीलीभीत रोड पर एम्बुलेंस एक गहरे गड्ढे में जोर से उछली। झटके के साथ ही स्ट्रेचर पर लेटी ‘मृत’ महिला के शरीर में हलचल हुई और अचानक उसकी सांसें चलने लगीं।
मरीज ने खोली आंखें: परिजनों ने देखा कि जिसे वे मृत मान चुके थे, उसने अचानक अपनी आंखें खोल दीं। आनन-फानन में एम्बुलेंस को वापस मोड़ा गया और महिला को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टर भी रह गए हैरान (Medical Surprise)
दोबारा जांच करने पर डॉक्टरों ने पाया कि महिला की पल्स और हार्टबीट वापस आ चुकी है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि कभी-कभी किसी गहरे फिजिकल शॉक (Physical Shock) से शरीर का ‘ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम’ दोबारा रिस्पॉन्स कर देता है, जो इस मामले में सड़क के गड्ढे ने कर दिखाया।
फिलहाल महिला का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सड़कों की बदहाली पर चर्चा या चमत्कार?
एक ओर जहां मुन्नी देवी के परिवार के लिए यह गड्ढा भगवान का आशीर्वाद बन गया, वहीं स्थानीय लोग अब बरेली-पीलीभीत मार्ग की बदहाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोग मजाकिया लहजे में कह रहे हैं कि “यूपी की सड़कों के गड्ढे अब जान लेते नहीं, जान देते हैं।”
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