उत्तर प्रदेश के कौशांबी और प्रयागराज क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब चलती ट्रेन में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमले की खबर सामने आई। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब नया मोड़ आ गया है, क्योंकि पीड़ित ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों के खिलाफ प्रयागराज में गंभीर धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई है।
ट्रेन के भीतर क्या हुआ? हमले की पूरी कहानी
घटना उस समय की है जब आशुतोष ब्रह्मचारी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। पीड़ित का आरोप है कि कौशांबी जिले की सीमा के भीतर ट्रेन के कोच में कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उनके साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
प्रयागराज में पुलिस एक्शन: शंकराचार्य समेत कई पर नामजद रिपोर्ट
हमले के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज पुलिस का दरवाजा खटखटाया। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है कि क्या इस हमले के तार किसी पुराने विवाद या मठ-मंदिर की राजनीति से जुड़े हैं।
बढ़ सकता है विवाद: समर्थकों के बीच तनाव
शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित पद पर आसीन व्यक्ति का नाम इस विवाद में आने से संत समाज और उनके अनुयायियों के बीच काफी हलचल है। एक ओर जहां आशुतोष ब्रह्मचारी के समर्थक न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य के खेमे से इन आरोपों को निराधार बताया जा रहा है। प्रयागराज और कौशांबी पुलिस इस मामले को लेकर हाई अलर्ट पर है ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े।
जांच में जुटी पुलिस और रेलवे प्रशासन
ट्रेन के भीतर हुई इस घटना के चलते रेलवे पुलिस (GRP) से भी संपर्क किया गया है। पुलिस कोच के सीसीटीवी फुटेज और सह-यात्रियों के बयानों की जांच कर रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
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