12 साल के बच्चे के हत्यारे ने थाने में लगाई फांसी, लापरवाही बरतने पर 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

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रांची के नामकुम थाने में गुरुवार (5 मार्च 2026) को आरोपी जगाई मुंडा ने पुलिस लॉकअप में कंबल के कवर का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में दोषियों पर कार्रवाई की गई।

प्रमुख घटनाक्रम (Key Highlights)

हिरासत में खुदकुशी: आरोपी जगाई मुंडा को बच्चे के अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसने थाने के भीतर ठंड से बचाव के लिए दिए गए कंबल के कवर का इस्तेमाल कर फांसी लगा ली।

पुलिसकर्मियों पर गाज: एसएसपी ने ड्यूटी पर तैनात 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, दो अन्य के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) की सिफारिश की गई है। नामकुम थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जांच समिति का गठन: रांची पुलिस प्रवक्ता और डीएसपी अमर पांडेय ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम रिम्स (RIMS) में कराया गया है।

पूरी कहानी: प्रतिशोध और मासूम की हत्या

यह मामला प्रेम प्रसंग और बदले की भावना से जुड़ा है:

अवैध संबंध: आरोपी जगाई मुंडा का खूंटी की एक 32 वर्षीय महिला (बच्चे की मां) के साथ पिछले 6 साल से संबंध था।

विवाद और धमकी: जब महिला ने जगाई से दूरी बनानी शुरू की, तो वह आक्रोशित हो गया। 1 मार्च को उसने महिला को धमकी दी थी कि अगर उसने मिलना बंद किया, तो वह उसके बेटे को मार डालेगा।

अपहरण और हत्या: 2 मार्च को जगाई ने 12 वर्षीय बच्चे का अपहरण किया और भुइयांडीह के जंगलों में ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।

गिरफ्तारी: 3 मार्च को मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर जंगल से बच्चे का शव बरामद किया गया था।

पुलिस की चुनौती

हिरासत में मौत (Custodial Death) के इस मामले ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार आयोग (NHRC) के नियमों के अनुसार भी इस तरह की घटनाओं की न्यायिक जांच अनिवार्य होती है।

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