उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। आशियाना इलाके में हुए ‘नीला ड्रम कांड’ (Neela Drum Kand) ने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। यहां NEET की तैयारी कर रहे एक छात्र ने महज पढ़ाई की डांट से नाराज होकर अपने ही पिता को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए तरीके और क्रूरता को जानकर पुलिस के भी होश उड़े हुए हैं। आइए जानते हैं कि आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ जिसने एक बेटे को हैवान बना दिया।
पढ़ाई के विवाद ने ली पिता की जान पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।
विवाद की रात: आशियाना के बंगला बाजार इलाके में रहने वाले शराब और पैथोलॉजी कारोबारी मानवेंद्र सिंह का 19 फरवरी 2026 की देर रात अपने बेटे अक्षत के साथ नीट (NEET) की पढ़ाई को लेकर तीखा विवाद हुआ था।
नींद में दिया खौफनाक मौत को अंजाम: रात के झगड़े के बाद पिता अपने बेडरूम में सो गए थे। लेकिन अक्षत के सिर पर खून सवार था। 20 फरवरी की तड़के करीब 4:30 बजे उसने एक राइफल उठाई और गहरी नींद में सो रहे अपने पिता के सिर से सटाकर गोली मार दी। गोली इतनी करीब से मारी गई थी कि बेडरूम में मांस के लोथड़े उड़ गए।
बहन को दी धमकी और बाथरूम में किए शव के टुकड़े गोली चलने की तेज आवाज सुनकर अक्षत की बहन कृति जाग गई। जब उसने इस भयानक मंजर को देखकर विरोध किया, तो अक्षत ने उसे डरा-धमका कर चुप करा दिया।
इसके बाद आरोपी बेटा अपने पिता के शव को घसीटते हुए बाथरूम में ले गया।
बाथरूम में उसने बड़ी ही बेरहमी से आरी और चाकू से अपने पिता के हाथ और पैर काटकर अलग कर दिए और शव के टुकड़ों को एक बोरी में भर दिया।
Blinkit से मंगाए चाकू, ड्रम और एसिड से थी गलाने की तैयारी अक्षत ने इस हत्या की साजिश को किसी थ्रिलर फिल्म की तरह बेहद शातिराना ढंग से रचा था।
ऑनलाइन ऑर्डर: वारदात को अंजाम देने से ठीक एक दिन पहले ही उसने ऑनलाइन ग्रोसरी ऐप ‘ब्लिंकिट’ (Blinkit) के जरिए डिलीवरी बॉय से दो तेजधार चाकू मंगवाए थे।
बाजार से खरीदा सामान: शव को ठिकाने लगाने के लिए वह खुद बाजार गया और वहां से एक बड़ा नीला ड्रम और आरी खरीद कर लाया था।
उसकी पूरी खौफनाक योजना यह थी कि वह शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में डालकर केमिकल (एसिड) से पूरी तरह गला देगा ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
नहर किनारे से मिले शरीर के टुकड़े और जले हुए सबूत हत्या के अगले दिन दोपहर में अक्षत ने शव के अंगों से भरी बोरी अपनी कार की डिग्गी में रखी और उसे सदरौना इलाके में एक नहर के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया।
खून से सने गद्दे, तकिए और चादर को भी वह बोरी में भरकर नहर किनारे ले गया और आग के हवाले कर दिया।
जब आशियाना पुलिस टीम मंगलवार को आरोपी अक्षत को लेकर घटनास्थल (सदरौना) पहुंची, तो उसकी निशानदेही पर झाड़ियों से वह बोरी बरामद कर ली गई जिसमें मानवेंद्र के कटे हुए अंग रखे थे।
एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल के मुताबिक, पुलिस ने अधजले कपड़े और राख भी साक्ष्य के तौर पर इकट्ठा कर ली है। आरी और ड्रम खरीदने से जुड़े पुख्ता सबूत भी पुलिस के हाथ लग चुके हैं। फिलहाल मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
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