खबर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की है जहां सोनभद्र में 25 फीट ऊंचे खंभे पर ट्रांसफॉर्मर बदलते समय लाइनमैन जिंदा जल गया। उसे पहले 11 हजार वोल्ट से जोरदार झटका लगा। इसके बाद शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते बिजलीकर्मी आग का गोला बन गया। हेल्पर ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लाइनमैन बुरी तरह झुलस चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लाइनमैन खंभे पर चढ़कर नया ट्रांसफॉर्मर लगा रहा था। आरोप है कि काम शुरू करने से पहले उसने विभाग से शटडाउन करवाया था, लेकिन काम के दौरान 11 हजार वोल्ट की सप्लाई चालू कर दी गई। घटना घोरावल थाना के लोहोटा गांव की है। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
आपको बता दे कि बिसहार गांव के रहने वाले संतोष कुमार बिजली विभाग में लाइनमैन के रूप में संविदा पर तैनात थे। वह गुरुवार को लोहोटा गांव में नया ट्रांसफॉर्मर लगाने गए थे। शाम करीब 7 बजे गांव पहुंचे।
सहकर्मियों ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा के सभी मानक अपनाए थे। पोल पर चढ़कर काम शुरू करने लगे। इसके पहले उन्होंने बिजली घर में सूचना देकर शटडाउन मांगा, ताकि काम के दौरान करंट न आए। जब संतोष खंभे पर चढ़कर ट्रांसफार्मर लगा रहे थे, इसी दौरान बिना किसी सूचना के 11 हजार की हाई-वोल्टेज सप्लाई अचानक चालू कर दी गई।
उन्होंने बताया- संतोष को बिजली का जोरदार झटका लगा। इसके बाद वह खंभे से ही चिपक गए। शॉर्ट सर्किट होने लगा। देखते ही देखते आग लग गई। कुछ ही देर में लाइनमैन आग की चपेट में आ गए।
हादसा होते ही हेल्पर मटरूलाल ने बिजली विभाग को फोन कर तत्काल शटडाउन करने को कहा। शटडाउन होते ही खंभे पर चढ़कर आग बुझाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों की सहायता से लाइनमैन को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मामले में संतोष के साथ मौजूद हेल्पर ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा- लाइनमैन ऊपर काम कर रहा था। विभाग को इसकी जानकारी थी, तो बिजली की आपूर्ति किसके आदेश पर और क्यों बहाल की गई।
वही इस मामले में सोनभद्र के एक्सीईएन एमबी ठाकुर ने बताया कि दो लाइनमैन अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे थे। संतोष और मटरू एक साथ थे, जबकि राजेश साहू दूसरी जगह पर काम कर रहे थे। राजेश साहू का काम पूरा होने पर उसने लाइन चालू करा दी। इस वजह से हादसा हुआ। मामले की जांच कराई जा रही है।
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