अशोक वर्मा
गाजियाबाद : चित्रगुप्त महासभा द्वारा बड़े पैमाने पर कायस्थों का सम्मेलन हुआ । आयोजन में मुख्य रूप से स्वामी चक्रपाणि जी महाराज,माननीय सुबोध कांत सहाय ,पूर्व केंद्रीय मंत्री सह राष्ट्रीय अध्यक्ष (अखिल भारतीय कायस्थ महासभा),माननीय अभय वर्मा ,विधायक ,बीजेपी, लक्ष्मी नगर दिल्ली सह मुख्य सचेतक,आचार्य शैलेश जी , श्री मती नीरा शास्त्री,पुत्री(पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी) ,श्री अनूप श्रीवास्तव जी,अजय आलोक(जदयू प्रवक्ता,अभिषेक जौहरी जी काश्मीर ,समीर गुप्ता ,बिनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा विहार, मुख्य रूप से थे शामिल हुये। गौरतलब है कि गाजियाबाद में कायस्थों की कई संस्थाये हैं सभी ने मिलकर इस सम्मेलन को सफल बनाया। देश के कई राज्यों से हजारों प्रबुद्ध लोग भी कार्यक्रम मे उपस्थित थे। सम्मेलन के आयोजन कर्ता अशोक श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कायस्थ एकता पर चर्चा की।कहा कि एकता में शक्ति है इससे परिभाषा को हमे नही भूलना चाहिए।सभी वक्ताओ ने अपने-अपने सुझाव को रखा ।विहार से पधारे प्रदेश अध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव ने कायस्थो की सेवा, उदारता और संवेदनशीलता पक्ष को विस्तार से रखा।कई वक्ताओ ने कहा कि कायस्थ एक जाति के साथ संस्कृति भी है जिसका आधार सेवा है। हमें अपने मूल आधार सेवा संस्कृति पर ही चलना है।हमे अपनी राजनीतिक शक्ति को भी बढ़ाना है क्योंकि जहां शक्तिशाली संगठन है वहां ही उसकी पूछ होती है।सम्मान और अहमियत भी होती है। वर्तमान दौर शक्तिशालियों का ही दौर है, हमारा इतिहास बहुत ही संपन्न, समृद्ध और सेवा संस्कृति का रहा है अतः पूरे देश के जितने भी कायस्थ संगठन है उन्हें एकजुट होकर अपनी मूल सेवा भावना को लेकर के चलना है ।कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि राजनीति में हमारी भागीदारी कम है ,इस दिशा में भी हमें सोचना है ।कार्यक्रम मे कायस्थ समाज के बहुत पुराने और मजबूत नेता,अनुरंजन सिंहा ,राकेश अंबष्ठ एवं कई चित्रांश समाज के लोग शामिल होकर आयोजन को सफल बनाया।
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