एमडीए अभियान के लिए राज्य स्तरीय टीओटी का हुआ आयोजन

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 जिलों के अधिकारीयों ने की शिरकत 
 आगामी 10 फ़रवरी से संचालित किया जाएगा एमडीए राउंड 
 राज्य फाईलेरिया कार्यालय एवं पिरामल फाउंडेशन के तत्वावधान में टीओटी का हुआ आयोजन  
पटना
“राज्य में फाईलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी से एमडीए राउंड चलाया जाना है. जिसमें अररिया को छोड़कर राज्य के शेष 37 जिलों में योग्य व्यक्तियों को फाईलेरिया की दवा खिलाई जाएगी. ड्रग रिफ्यूजल तोड़ना जरुरी है एवं इसके लिए ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर का रिविजिट सुनिश्चित कराना भी जरूरी है. एमडीए राउंड में सभी सहयोगी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी योग्य लाभार्थी एमडीए राउंड के दौरान दवा सेवन करें. किसी भी सूरत में दवा को बाँटना नहीं है और अपने सामने खिलाना है. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आशा कार्यकर्ताओं के पास प्रचार-प्रसार की पर्याप्त सामग्री उपलब्ध हो”, उक्त बातें अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फ़ाइलेरिया डॉ. श्यामा राय ने सोमवार को एक स्थानीय होटल में राज्य फाईलेरिया कार्यालय एवं पिरामल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय टीओटी का शुभारंभ एवं अध्यक्षता करते हुए कही. कार्यक्रम में 21 जिलों यथा बांका, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया, कैमूर, मुंगेर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, पश्चिमी चंपारण, भोजपुर, बक्सर,  किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, नालंदा, नवादा और पटना के जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, वीडीसीओ, डीसीएम, वीडीसी कंसलटेंट सहित पिरामल टीम के जिला प्रतिनिधि, जीएचएस से अनुज घोष एवं सीफार एवं अन्य सहयोगी संस्थानों के प्रतनिधि भी शामिल हुए.
एक भी घर नहीं छूटे:
इस अवसर पर वरीय क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय कार्यालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पटना डॉ. रविशंकर सिंह ने कहा कि एमडीए राउंड की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि सभी योग्य व्यक्ति दवा का सेवन जरुर करें. दवा खिलाने वाली टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक भी घर नहीं छूटे और सभी लोग टीम के सामने दवा का सेवन करें.
फ़ाइलेरिया उन्मूलन के लिए 2027 तक का है लक्ष्य:
डॉ. सरिता, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, परिवार नियोजन कार्यक्रम एवं आशा कार्यक्रम ने कहा कि प्रखंड स्तरीय नीति के अंतर्गत सभी प्रखंडों में डीसीएम के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण एवं उनके साथ नियमित बैठक एवं प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्यकर्मियों का आशाकर्मियों में सामंजस्य होना आवश्यक है. सभी डीसीएम यह सुनिश्चित करें कि आशा फैसिलिटेटर ससमय अपनी रिपोर्ट विभाग को दें ताकि एमडीए राउंड में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके.
हर फोरम पर दवा सेवन का संदेश करें प्रसारित:
डॉ. राजेश पांडेय, डब्ल्यूएचओ के स्टेट एनटीडी कोऑर्डिनेटर, ने कहा कि फाईलेरिया की दवा उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शत-प्रतिशत फाइलेरिया रोधी दवा सेवन से ही फाइलेरिया प्रसार चक्र को तोड़ा जा सकता है. इसके लिए जरुरी है कि स्वास्थ्य के किसी भी फोरम पर एमडीए राउंड के दौरान दवा सेवन की महत्ता की चर्चा करें. डॉ. पांडेय ने बताया कि राज्य के सभी जिले फाईलेरिया से ग्रसित हैं और दवा सेवन कर ही फाईलेरिया उन्मूलन संभव है.
इस दौरान पिरामल फाउंडेशन से बासब रुज ने पिरामल फाउंडेशन की फाईलेरिया उन्मूलन में भूमिका पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि एमडीए राउंड की सफलता के लिए अंतर्विभागीय सामंजस्य बनाकर काम किया जाएगा. सिफार के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक रणविजय कुमार ने अभियान के दौरान सीएचओ की भूमिका की चर्चा की और उनके नेतृत्व में गठित रोगी हितधारक मंच द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया. लेप्रा, एवं जीएचएस के प्रतिनिधियों ने एमडीए राउंड में अपनी भूमिका पर चर्चा की.
कार्यशाला में फाईलेरिया के राज्य सलाहकार डॉ.अनुज सिंह रावत सहित राज्य के 21 जिलों से जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी आगामी राउंड के लिए किये गए बदलावों के बारे में बताया. कार्यक्रम का संचालन पिरामल टीम की ओर से आनंद कश्यप ने किया.
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