अशोक वर्मा
शांतिवन परिसर माउंट आबू राजस्थान , ब्रह्मकुमारी के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू में प्रति वर्ष आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम बाबा मिलन में जॉन वाइज देशभर मे तिथिवार निमंत्रण मिलता है ।इस वर्ष 30 नवंबरको नॉर्थ ईस्टर्न जोन का बाबा मिलन है।मिलन मे बिहार ,बंगाल ,उड़ीसा ,झारखंड एवं नेपाल आता है। बाबा मिलन में पूर्वी चंपारण जिले से 65 सदस्यीय ब्रह्मा वत्सो की टीम 25 नवंबर को माउंट आबू मुख्यालय शांति वन पहुंची ।व्यस्त कार्यक्रमों के शेड्यूल अंतर्गत योग एवं क्लासेस चल रहे हैं। इस दौरान साइट विजिट सीन पर वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीना दीदी के नेतृत्व में सभी भाई बहन दिनभर भ्रमण पर रहे। इस दौरान मुख्य पांडव भवन के चार धाम की यात्रा हुई। 1936 मे अभिभाजित भारत के कराची संस्थापित संस्था का स्थानांतरण ईश्वरीय निर्देशानुसार1950 मे माउंट आबू मे हुआ। उस समय यह क्षेत्र पूरा विरान और जंगल पहाड़ था और यहीं पर बाबा ने तपस्या की और पूरे विश्व में भारत का यह आध्यात्मिक ज्ञान फैला। 65 सदस्यीय टीम चार धाम की यात्रा में बाबा का कमरा, बाबा की कुटिया, हिस्ट्री हाल एवं बाबा का शांति स्तंभ पर बहुत देर तक योग लगाये और बाबा से वरदानों से झोली भरी। बाबा का यह संपूर्ण क्षेत्र है और हर कोने-कोने में बाबा की स्मृति समाइ हुई है। बाबा के साथ का सभी बच्चो को यहा होता है। इस बाबत बीके मीना दीदी ने बताया कि हम लोगों की सब जॉन इंचार्ज राजयीगिनी बीके रानी दीदी जी हैं , बिहार और झारखंड से उनके नेतृत्व में काफी भाई-बहन पहुंचे हुए हैं और साकार बाबा से पालना ली हुई है। यह हमारा सौभाग्य है कि ऐसे दीदी जी की पालना में हम लोग अपना पुरुषार्थ कर रहे हैं। उन्होंने ज्ञान सरोवर एवं विभिन्न स्थलों का दर्शन कराया और उसके बारे में सभी को विस्तार से बताया ।ज्ञान सरोवर के बाद सभी भाइ बहन विश्व प्रसिद्ध दिलवाड़ा मंदिर पहुंचे वहां से नक्की झील और पीस पार्क का भ्रमण करते हुए वापस शांति वन पहुंचे ।यात्रा में शामिल होने वालों में मुख्य रूप से बीके करुणा, बीके रीना, बीके अशोक वर्मा, बीके अभिमन्यु भाई, बीके मंजू बहन ,बीके रामाधार भाई, बीके कौशल्या माता, बीके शोभा माता आदि थे।यात्रा मे अरेराज, सिकटिया ,हरसिद्धि ,मोतिहारी पतौरा ,सुगौली, भवानीपुर, नरकटिया पाठशाला एवं सेवा केंद्र के भाई-बहन शामिल है ।30 नवंबर को बाबा मिलन है।
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