अशोक वर्मा
मोतिहारी परिवर्तन की बेला और अरावली पर्वत आबू मे बाबा का अवतरण और उसमे नवंबर माह के दुसरे बाबा मिलन मे मोतिहारी पूर्वी और पश्चिमी चंपारणके विभिन्न सेवा केंद्रो से सैकडो बाबा के बच्चो का बुलावा वहा से आया अपने आप मे काफी महत्वपूर्ण है। सप्ताह में दो दिन चलने वाली पोरबंदर एक्सप्रेस जब रविवार को मोतिहारी से खुली तो ट्रेन के अंदर फरिश्ता स्वरूप स्वेत वस्त्र धारी भर गये।अद्भुत रूहानी नजारा था। मोतिहारी सेवाकेंद्र प्रभारी बीके वीभा ने बताया कि हमारे 65 भाई बहन जा रहे है।केसरिया प्रभारी बीके मनोरमा ने बताया कि केसरिया,चकिया ,मोतीपुर से दर्जनो भाई बहन बाबा मिलन मे जा रहे है।हरसिद्धि, पतौरा बीके पाठशाला,सुगौली,अरेराज, सिकटिया एवं अन्य जगहो से काफी लोग बाबा मिलन के लिए मोतिहारी से प्रस्थान किये।वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मनोरमा ने कहा कि आज दुनिया भगवान को अलग अलग तरीके से ढूढ रही है ।शिव बाबा का अवतरण भारत की भूमि पर 1936 मे हो चुका है और वे नई सतयुगी दुनिया स्थापित कर रहे है।बहुत जल्द भारत सतयुग मे परिवर्तित होने जा रहा है।
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