गया। गया शहर के बड़की डेल्हा स्थित राजा कोठी परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य समापन हुआ। यह आयोजन धर्म, भक्ति और समाजिक एकता का अद्भुत संगम साबित हुआ। कथा के समापन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूर्णाहुति यज्ञ, हवन और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया है।सप्ताहभर चले इस महायज्ञ में प्रतिदिन श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराने के लिए सुप्रसिद्ध कथा वाचक ने श्रीकृष्ण लीलाओं, भक्ति के महत्व और धर्म के सार को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया। यह आयोजन डेल्हा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर के.के निराला के द्वारा किया गया था. कथा के दौरान भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचते रहे, जबकि समापन दिवस पर हजारों की भीड़ ने आयोजन स्थल को आस्था के केंद्र में बदल दिया है।आयोजन डॉ के.के निराला ने बताया की इस सात दिवसीय महायज्ञ का उद्देश्य समाज में धर्म, प्रेम, सदाचार और नैतिक मूल्यों के प्रसार के साथ लोगों को आध्यात्मिक जागरूकता से जोड़ना था। कथा के दौरान भागवत पुराण के विभिन्न प्रसंगों जैसे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन लीला, रास लीला और सुदामा चरित्र का मनोहर वर्णन हुआ, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
समापन अवसर पर हवन एवं पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में स्थानीय संत, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और नगर के गणमान्य नागरिकों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई है।
इस अवसर पर कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि पूरा राजा कोठी परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। चारों ओर “हरि नाम संकीर्तन” और “राधे-श्याम” के जयकारों से वातावरण पवित्र हो गया है।आयोजन की सफलता पर समिति के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, सहयोग और आध्यात्मिक एकता को मजबूत करते हैं।
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