अशोक वर्मा
मोतिहारी : भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कबिना मंत्री रह चुके रामचंद्र सहनी 80 वर्ष की उम्र में भाजपा को टाटा कर जन सुराज का दामन थामा ।वैसे रामचंद्र सहनी का पूर्व का इतिहास बाजपेई का रहा है । सुगौली क्षेत्र सीपीएम एवं सीपीआई का रहा है।जन संघर्ष के बल पर रामाश्रय सिंह कई टर्म यहा से विधायक रह चुके है। भाजपा ने इन्हें बहुत पहले विधायक का आश्वासन देकर वाम दल से खींचकर भाजपा ज्वाइन कराया था।विधायक बनने के बाद मंत्री का भी पद दिया लेकिन इधर इनका भाजपा से मोहभंग चल रहा था और भाजपा भी इनको उपेक्षित कर दिया था। दल में रहते हुए भी ये भाजपा के क्रियाकलापों को मंचों पर आलोचना करते थे।ये मूलत वामपंथी विचारधारा के थे और सुगौली वामपंथ का गढ़ रहा है। पिछले चुनाव मे भी इनको दरकिनार किया गया था। वर्तमान समय सुगौली मे राजद के विधायक इंजीनियर शशि सिंह है ।उम्र के नवे दशक में चल रहे रामचंद्र सहनी को जन सुराज टिकट देगा या नहीं या मामला तो आधार में है लेकिन इतना तो तय है कि रामचंद्र सहनी का जनसुरज में आना जनसु राज के लिए तो काफी लाभप्रद है । रामचंद्र सहनी के इस दल में आने से चुनाव पर प्रभाव पड़ेगा। ऐसी चर्चा है कि जनसुराज इन्हें सुगौली से टिकट देगा ,लेकिन लगभग दो वर्षों से आरपीसी के हनुमान के रूप में कार्य कर रहे लाल बाबू सिंह यहां के प्रबल दावेदार है और इन्हें आरसीपी सिह द्वारा हरी झंडी मिली थी कि आप तैयारी करें टिकट आपको ही मिलेगी। कल रविवार तक तय था कि लालबाबू सिह का टिकट कंफर्म है लेकिन अब मामला पेचीदा हो गया है । वैसे सुगौली विधानसभा से चिराग पासवान ने अपना कैंडिडेट देने की घोषणा की है ,तथा राजद के सिटिंग एमएलए को टिकट मिलना तय है ।अब यहां अगर रामचंद्र सहनी जो उम्र के इस अंतिम पड़ाव में जनसुराज के टिकट से लड़ते हैं तो इसका सीधा नुकसान एनडीए को ही होगा और लड़ाई त्रिकोणात्मक तथा रोचक हो जाएगी ।
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