मुजफ्फरपुर। भारत सरकार द्वारा कालाजार प्राप्त उन्मूलन को आगे भी उसी स्तर पर बनाए रखने हेतु कालाजार के छुपे हुए मरीजों को जल्द से जल्द पहचान कर उनका इलाज करवाना महत्वपूर्ण है जिससे संक्रमण को रोक जा सके। इसके लिए
जिले के तीन प्रखंडों मोतीपुर, बोचहां और गायघाट का चयन किया गया है। प्रत्येक चिन्हित प्रखंड से 25 ग्रामीण चिकित्सक (सूचना प्रदाता) का उन्मुखीकरण कराया जाना है ताकि जल्द से जल्द कालाजार के संभावित मरीजों को खोजा जा सके। साथ ही ग्रामीण चिकित्सक फाइलेरिया रोगियों की सूचना भी देंगे ताकि फाइलेरिया रोगियों को जांच, दवा, दिव्यांगता सर्टिफिकेट, एमएमडीपी किट और उसके उपयोग की विधि जैसी सुविधाएं प्रदान करने में सहायता मिल सकेगी। यह कहना है जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार का।
इसी क्रम में गुरुवार को बोचहा प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रभात रंजन के अध्यक्षता में से संबंधित 25 ग्रामीण चिकित्सकों को कालाजार एवं फाइलेरिया से बचाव व इलाज से संबंधित उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित सभी ग्रामीण चिकित्सकों को विधिवत जानकारी देते हुए बताया गया कि कालाजार एवं फाइलेरिया बीमारी से ग्रामीणों का कैसे बचाव करना है। संभावित कालाजार एवं फाईलेरिया के मरीजों को जल्द से जल्द पहचान कर समुचित जांच व इलाज के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थान पर भेजना है, जिससे कि कालाजार और फाइलेरिया के प्रसार को रोका जा सके।
मौके पर बीएचएम आशीष मिश्रा, पीरामल प्रोग्राम लीड इफ्तेखार खान, भीबीडीएस अमरनाथ, पीरामल गांधी फैलो नयन, ग्रामीण चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
122
