विद्युत् विभाग ने सीतामढ़ी यक्ष्मा कार्यालय को उपलब्ध कराया सीबीनेट और ट्रूनेट मशीन 

Live News 24x7
5 Min Read
  • टीबी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है सीबी नेट और ट्रूनेट मशीन 
  • यक्ष्मा मरीजों का डीआर टीबी और एमडीआर जांच अब जिले में ही संभव
सीतामढ़ी। कार्यपालक निदेशक विधुत विभाग श्री ए सेन शर्मा बिहार, डॉ अखिलेश कुमार सिविल सर्जन सीतामढ़ी, डॉ जेड जावेद जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सीतामढ़ी द्वारा संयुक्त रुप से जिला यक्ष्मा केन्द्र सीतामढ़ी में 16 मॉड्यूल सीबीनेट मशीन एवं 11 ट्रूनेट मशीन का उद्घाटन किया गया। कार्यपालक निदेशक द्वारा बताया गया कि जिला पदाधिकारी महोदय सीतामढ़ी के अनुरोध पर उपरोक्त मशीन पावरग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड के सौजन्य से सीतामढ़ी जिला को उपलब्ध कराया गया है। जिससे जिले के यक्ष्मा मरीजों को डीआरटीबी की जाँँच हेतु दरभंगा सैम्पल नहीं भेजना पड़ेगा एवं एमडीआर (रेसिस्टेंट) यक्ष्मा मरीजों की पहचान जिले में ही हो सकेगी। उनके द्वारा बताया गया कि यह एक परियोजना का समापन नहीं है बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी को साकार करने का प्रतीक है। मुझे गर्व है कि पावर ग्रिड की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत हम सदर अस्पताल सीतामढ़ी को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण प्रदान कर रहे हैं।
हमें 8 फरवरी 2023 को जिला स्वास्थ्य समिति सीतामढ़ी के सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव से एक अनुरोध पत्र संख्या 157 प्राप्त हुआ था। जिसमें अस्पताल की तत्काल ज़रूरतों को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया था। यह पत्र 28 फरवरी 2023 को जिलाधिकारी सीतामढ़ी द्वारा भी अग्रेषित किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुधार हेतु हमने एचएलएल कंपनी द्वारा आवश्यकता मूल्यांकन करवाया ताकि हम यह सुनिश्चित कर सकें कि सहायता सटीक और प्रभावी हो।
सिविल सर्जन महोदय द्वारा बताया गया कि वर्तमान में टीबी के नमूने सीतामढ़ी से दरभंगा भेजे जाते हैं जिसका रिपोर्ट प्राप्त होने में काफी विलंब होता है और उपचार में देरी होती है। लेकिन इन मशीनों की स्थापना के बाद टीबी की जाँच और दवा प्रतिरोध की रिपोर्ट जिला स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और गंभीर स्थिति बनने से पहले इलाज शुरू किया जा सकेगा।
यह अपग्रेडेशन अस्पताल की सेवा क्षमता को 4 गुना बढ़ा देगा एवं जांच प्रक्रिया कहीं अधिक तेज़ और सटीक होगी। लगभग 44 लाख जनसंख्या वाले इस जिले में यह एक बड़ा परिवर्तन लेकर आएगा। इससे जिले के 17 प्रखंडों में स्थित 26 डीएमसी तथा 247 पंचायतों को लाभ मिलेगा।
यह पहल न केवल चिकित्सा उपकरणों का दान है बल्कि एक उम्मीद एक सकारात्मक बदलाव और बेहतर भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है। हमारा उद्देश्य केवल इंफ्रास्ट्रक्चर देना नहीं हैए बल्कि लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
कार्यपालक निदेशक द्वारा जिला प्रशासन सीतामढ़ी, सिविल सर्जन तथा जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सीतामढ़ी सभी जिला यक्ष्मा टीम के सदस्यों/कर्मियों का धन्यवाद किया गया जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से यह परियोजना संभव हो सकी। पावरग्रिड इस प्रकार की पहल के लिए हमेशा तत्पर है क्योंकि हम मानते हैं कि शसक्त भारत की नींव स्वस्थ भारत पर टिकी होती है।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ जेड जावेद द्वारा जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी, सिविल सर्जन सीतामढ़ी का आभार व्यक्त करते हुये कहा गया कि उनके मागदर्शन  एवं कार्यपालक निदेशक पावरग्रिड के सहयोग से आज सीतामढ़ी जिला बिहार में पहला जिला बन गया है जहाँँ के सभी 26 डीएमसी में नाट जाँँच कि सुविधा उपलब्ध हो गयी है एवं उच्चाधिकारी के मागदर्शन में आने वाले दिनों में प्रिजम्पटीव जाँँच तथा टीबी नोटिफिकेशन में सीतामढ़ी जिला नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
डॉ जावेद द्वारा बताया गया कि कार्यपालक निदेशक पावरग्रिड द्वारा आश्वासन दिया गया है कि शीघ्र ही सीतामढ़ी जिला को 5 अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन एवं प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम अन्तर्गत जिले में वर्तमान में ईलाजरत लगभग 6000 यक्ष्मा मरीजों में से अधिक-से-अधिक मरीजों को गोद लेकर न्यूट्रीशनल सर्पोट उपलब्ध कराने हेतु प्रयास किया जा रहा है जिसकी सूचना शीघ्र उपलब्ध कराई जायेगी।
204
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *