तो क्या पिता की विरासत संभालेंगे पुत्र….

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अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट।
नए परिसीमन के बाद लगातार जीत का रिकॉर्ड काम करने वाले बनियापुर के वर्तमान राजद विधायक केदारनाथ सिंह अब जदयू के हो चुके है। पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के छोटे भाई केदारनाथ सिंह अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को अपने गृह विधानसभा क्षेत्र में कायम किए हुए है। पर अब क्षेत्र में चर्चा है कि इस बार केदारनाथ सिंह के पुत्र पटना हाई कोर्ट में अधिवक्ता और अब जदयू में शामिल हो चुके ऋतुराज सिंह बनियापुर से चुनाव लड़ेंगे। ऋतुराज बनियापुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो चुनाव से सक्रिय है पिता की अनुपस्थिति में लोगों के सुख-दुख के भाग्य भी बनते हैं। व्यवहार कुशल है लोगों और खासकर युवाओं में जबरदस्त पकड़ है। 2020 के विधानसभा चुनाव में लोगों से वोट मांगने के दौरान लोगों की समस्याएं भी डायरी में लिख रहे थे चुनाव जीतने के बाद सबसे बड़ी पहल हुई की 3 महीने के अंदर बाढ़ के कारण टूटी हुई क्षेत्र की तमाम कर के बानी बिजली की स्थिति सुधारी गई। 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने सबसे ज्यादा वोट से लीड किया था इस जीत को प्रभुनाथ सिंह के परिवार के प्रभाव के रूप में देखा गया। इंडिया के टिकट के बनियापुर में कई सारे दावेदार है। भाजपा की तरफ से आनंद शंकर पुराने कैडर के नेता है भूमिहार बिरादरी से आते हैं बनियापुर में राजपूत वोटरों के बाद दूसरे नंबर पर भूमिहार है। वीरेंद्र ओझा भी एनडीए में फिलहाल है पर कांग्रेस आरजेडी में भी हाथ पैर मार रहे हैं। पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह कांग्रेस के लगभग हो चुके हैं और कांग्रेस उन्हें या उनकी पत्नी को यहां से टिकट देने की तैयारी में है। जन सुराज की तरफ से यहां कई सारे दावेदार है जय बिहार फाऊंडेशन वाले संजय सिंह पूर्व जिला परिषद सदस्य और सिंगर पुष्पा सिंह राजद की बात करें तो यहां से आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार पर राजनीतिक समीकरण में यहां से आरजेडी राजपूत या भूमिहार उम्मीदवार को छोड़कर किसी दूसरे पर विचार नहीं कर सकती खबर है कि यह सीट कांग्रेस के कोटे में जाएगी।
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