बाढ़ सुरक्षा को लेकर जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क — पूर्वी चंपारण जिले में छह स्थलों पर कटावरोधी कार्य करांए गए

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पटना : बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा पूर्वी चंपारण जिले में बाढ़ सुरक्षा के तहत कई महत्त्वपूर्ण स्थलों पर कटावरोधी कार्य तीव्र गति से कराए गए हैं। विभाग की तकनीकी टीम पूरी सजगता और गंभीरता के साथ काम में जुटी है ताकि बाढ़ के दौरान संभावित आपदाओं से जनजीवन और कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
चंपारण तटबंध के 103.00 किलोमीटर के निकट पुछरिया गांव के सामने सोल कटिंग का कार्य कराया गया है। इसका उद्देश्य बाढ़ के समय नदी के बहाव को नियंत्रित करना और जलधारा के दबाव को तटबंध से दूर मोड़ना है, जिससे कटाव की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। साथ ही चंपारण तटबंध के सामने पुछरिया गांव के सुरक्षार्थ बोल्डर से कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है जिससे पुछरिया गांव को कटाव से सुरक्षित किया जा सकेगा। इसी क्षेत्र में तटबंध की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कटावरोधी कार्य भी किए गए हैं।
बूढ़ी गंडक नदी के दायें तटबंध के 14 से 15 किलोमीटर के बीच नदी भाग में बसवरिया टोला, मधुबनी घाट स्थित गिरी टोला गांव और बेलबतिया गांव में भी कटाव नियंत्रण के लिए आवश्यक संरचनात्मक उपाय अपनाए गए हैं। इन स्थानों पर जलधारा की दिशा और दबाव को देखते हुए वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है ताकि बाढ़ के दौरान गांवों की आबादी और खेतिहर भूमि को कोई क्षति न पहुँचे।
करहान गांव के वार्ड संख्या–9 में पूर्व में किए गए कटावरोधी कार्यों का पुनर्स्थापन किया गया है। इसके अंतर्गत पोरक्यूपाइन लेयिंग, पुराने कार्यों के ऊपर स्क्रीन निर्माण और पीछे बनी गड्ढों की भराई जैसे कार्य शामिल हैं, जिससे संरचना को अधिक टिकाऊ और प्रभावी बनाया जा सके।
जल संसाधन विभाग इन सभी कार्यों की सतत निगरानी कर रहा है और निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ इसे पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग का यह प्रयास न केवल बाढ़ सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि इससे पूर्वी चंपारण के हजारों ग्रामीणों को राहत भी मिलेगी।
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