कलकता से मंगाए गये चम्पा के फुल से मां बंगलामुखी का हुआ भव्य पुजा एवं श्रृंगार

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गया के माता बगलामुखी का मंदिर खास महत्व है.
गया। प्रसिद्ध माता बगलामुखी का मंदिर है। शहर के रामशिला पहाड स्थित बगलामुखी मंदिर में दस महाविद्या में आठली सिद्ध महाविद्या मां बंगलामुखी की जंयती  पर सुबह से मंदिर में भीड़ देखने को मिला*। मां के तिन यंत्र का मां बंगलामुखी के मंत्र से चम्पा के फुल से विधवत पुजा कि गयी, यंत्र को प्राण प्रतिष्ठा दि गई है।
**मां के मंदीर मुख्य पुजारी सौरभ मिश्रा ने बताया कि मंदिर में विराजमान माता के चेहरे पर हमेशा हंसी रहती है हर समय हर परिस्थिति के अनुसार मां के चेहरे का भाव बदल जाता है। मां के ध्यान लगाने से इस अनुभूति को प्राप्त किया जा सकता है। मां के सामने सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मुख्य पुजारी सोरभ मिश्रा ने आगे बताया कि देश के गिने चुने शहरों में ही मां बंगलामुखी का मंदिर है।*इसके बाद आचार्य एवं बाह्यणो के अलावा मां के भक्त ने सामुहिक हवन भी किया गया इसके अलावा पुजारी नागेन्द्र मिश्रा ने बताया कि पुजा के बाद कन्या पुजन और इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया जो रात तक जारी रहा है।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सौरभ मिश्रा, अरुण मिश्रा,गणेश मिश्रा,अजीत मिश्र,अंशु,अर्थव मिश्र, सहित काफी लोग शामिल थे।
*मां बंगलामुखी जंयती पर गया नगर निगम के प्रथम व्यक्ति नगर निगम मेयर गणेश पासवान ने भी अपनी पत्नी स़ग मां बंगलामुखी की पूजा अर्चना की है साथ ही माता श्रृंगार भी कराया साथ में स्टेंडिंग कमेटी सदस्य पूर्व उप महापौर मोहन श्रीवास्तव ने भी पूजा अर्चना किए ‌*
गया का बगलामुखी माता का मंदिर काफी विख्यात है. माता की पूजा से मुकदमे में विजय प्राप्ति के लिए किया जाता है. मां की प्रतिमा बाएं हाथ से शत्रु की जिह्वा खींच रही मुद्रा में है.”-सौरव मिश्रा, मां बगलामुखी मंदिर के पुजारी।
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