अशोक वर्मा
मोतिहारी : महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मे पधारे होम्योपैथ के ख्याति प्राप्त चिकित्सक डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर यह कार्यक्रम आयोजित है और किसी भी कार्यक्रम का एक उद्देश्य होता है ,निश्चित रूप से स्वस्थ्य शरीर में ही स्वास्थ्य मस्तिष्क होता है। दुनिया का सबसे सुख स्वस्थ्य रहने मे ही मिलता है।अगर कोई बीमार है तो उसके समक्ष कितने भी सुख के साधन उपलब्ध हो उसके लिए वह सब बेकार होता है। उन्होंने दुख प्रकट करते हुए कहा कि आज देश के 25% छात्र किसी न किसी तरह के मानसिक समस्या से पीड़ित है ।सुंदर पर्सनालिटी एवं सुंदर शरीर होना बहुत मायने नहीं रखता है ,हमारा चरित्र, व्यवहार और चाल चलन कैसा है यह मायने रखता है। डॉ राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि हर इंसान को शारीरिक ,मानसिक स्वस्थ्य और सामाजिक होना चाहिए। स्पिरिचुअल आधारित जीवन रखने से भटकाव नही होगा। स्वस्थ जीवन का यह कारगर मंत्र भी है।अधिक महत्वाकांक्षी होना भी तनाव का एक मुख्य कारण है ।लक्ष्य ऊंचा रखना चाहिए लेकिन किसी कारण बस अगर वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं तो इसके लिए प्रयास करना होगा लेकिन तनाव मुक्त होकर। अगर प्रयास करेंगे तो सफलता निश्चित मिलेंगी। उन्होंने अपने संवोधन में बार-बार संयमित जीवन शैली रखने एवं जीवन में अध्यात्म को अपनाने का सुझाव दिया। उक्त अवसर पर डाक्टर राजेश श्रीवास्तव ने कुलपति डाक्टर संजय श्रीवास्तव को होम्योपैथी दवा का किट उपहार स्वरूप दिया ।कार्यक्रम में काफी संख्या में यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे और सभी ने काफी चाव से उनकी स्वास्थ्य संबंधित बातों को सुना। कार्यक्रम में अन्य कई लोगों ने भी संबोधित किया यूनिवर्सिटी की ओर से डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव को आध्यात्म आधारित चिकित्सकीय सेवा के लिए कुलपति संजय श्रीवास्तव ने शाल ओढाकर एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
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