Live News 24×7 के लिए मोतिहारी से कैलाश गुप्ता की रिपोर्ट।
वैसे तो मोतिहारी में शिक्षा विभाग अपने अजब-गजब कारनामों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहता है। कभी बेंच-डेस्क, बूथ रिपेयरिंग, समरसेबल बोरिंग घोटाले तो कभी अन्य कारणों से चर्चा में रहने वाला यह विभाग अब एक नए मामले को लेकर सुर्खियों में है।
एक वर्ष पहले मृत शिक्षिका से स्कूल में अनुपस्थित रहने और ई-शिक्षा पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज न करने के लिए डीईओ ने स्पष्टीकरण मांगा है। डीईओ ने मृत शिक्षिका से 24 घंटे में जवाब न देने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एक वर्ष पहले मृत शिक्षिका से स्पष्टीकरण की मांग जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर उस शिक्षिका का स्पष्टीकरण पत्र यमलोक कैसे पहुंचेगा? मृतलोक से शिक्षिका अपने अनुपस्थित रहने का जवाब कैसे देगी? जिला शिक्षा पदाधिकारी ने किसको यह जिम्मेदारी सौपीं है।
क्या है मामला–
पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज प्रखंड के यूएमएस गोबिंदगंज गर्ल्स स्कूल का है। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार के हस्ताक्षर से स्पष्टीकरण पत्र के क्रमांक 52 पर शिक्षिका उर्मिला कुमारी का नाम है, जिनकी मृत्यु लगभग एक वर्ष पहले ही हो चुकी है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने ई-शिक्षा कोष ऐप पर उपस्थिति दर्ज न करने वाले 969 अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। जिसमें क्रमांक 52 पर यूएमएस गोबिंदगंज गर्ल्स, अरेराज की शिक्षिका उर्मिला कुमारी का नाम अंकित है, जिनकी मृत्यु एक वर्ष पहले हो चुकी है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी के इस स्पष्टीकरण के बाद शिक्षा विभाग और आम लोगों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जिला शिक्षा कार्यालय को एक वर्ष पहले मृत शिक्षिका की जानकारी क्यों नहीं है।
वही मजाकिये शब्दों में विभाग के इस कारनामे पर चर्चा करते हुए कहा जा रहा है कि आखिर मृतलोक में शिक्षिका स्पष्टीकरण पत्र कैसे प्राप्त कर जवाब देगी? सवाल उठाया जा रहा कि इस पत्र को मृतलोक में शिक्षिका उर्मिला कुमारी को रिसीव कराने कौन परिचारी या कर्मचारी जाएंगे।
इस बात की चर्चा जहाँ चौक चौराहों पर हो रही वही सोशल मीडिया पर यह पत्र खूब वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं, “अजब शिक्षा विभाग का गजब कारनामा।” एक वर्ष पहले मृत शिक्षिका का अपडेट अभी तक दर्ज नहीं है।
डीईओ के पत्र के अनुसार, 3 अप्रैल को ई-शिक्षा कोष ऐप पर शिक्षकों की उपस्थिति की जांच की गई। जांच में 969 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, 265 शिक्षकों ने बिना पूर्व अनुमति के “ऑन ड्यूटी” दर्ज किया, जबकि 5764 शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज की लेकिन मार्क आउट नहीं किया। सभी से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है, और जवाब न देने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।
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