पटना,पटना के कंकड़बाग स्थित पटना वूमंस हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर में गायनी दूरबीन सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार और फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. कुमारी अनुराग की टीम ने एक महिला मरीज के गर्भाशय से 25 सेमी के फाइब्रॉयड (रसौली) को लेप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी (गायनी दूरबीन सर्जरी) के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाला।गर्भाशय में रसौलियां आम समस्या हैं, लेकिन जब उनका आकार बड़ा हो जाता है, तो यह अत्यधिक रक्तस्राव, पेट दर्द और प्रजनन संबंधी जटिलताओं का कारण बन सकती हैं। इस तरह के मामलों में पारंपरिक सर्जरी में बड़े चीरे की आवश्यकता होती थी, जिससे मरीज को अधिक दर्द और लंबा रिकवरी समय लगता था। लेकिन गायनी दूरबीन सर्जरी एक उन्नत तकनीक है, जिसमें बिना बड़े चीरे के जटिल ऑपरेशन संभव होते हैं।डॉ. संजीव कुमार ने बताया, “यह ऑपरेशन पूरी तरह से लेप्रोस्कोपिक तकनीक से किया गया, जिससे मरीज को कम दर्द हुआ और वह जल्द स्वस्थ हो गई। बिहार-झारखंड की महिलाओं को अब दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि अत्याधुनिक गायनी सर्जरी सुविधाएं पटना में उपलब्ध हैं।”गायनी दूरबीन सर्जरी के लाभ:बिना बड़े चीरे के ऑपरेशन,कम रक्तस्राव और दर्द,संक्रमण का कम खतरा
तेजी से रिकवरी,भविष्य में गर्भधारण की अधिक संभावना,डॉ. संजीव कुमार बिहार और झारखंड में सैकड़ों महिला गायनी चिकित्सकों को गायनी दूरबीन सर्जरी का प्रशिक्षण दे चुके हैं और इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं।पटना वूमंस हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर महिलाओं के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी महिला को गर्भाशय संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेकर आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ उठाना चाहिए।
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