एनएसएस शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत प्रातःकालीन प्रार्थना से हुई, जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके पश्चात संगम कुमारी, दुर्गेश कुमार और करण कुमार ने एनएसएस स्वयंसेवकों को राष्ट्रगान, विभिन्न प्रकार की तालियों, देशभक्ति गीत और ध्वज गीत के बारे में प्रशिक्षित किया। इस सत्र में स्वयंसेवकों ने अनुशासन और देशभक्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा और सीखा।
इसके पश्चात स्वयंसेवकों/ स्वयंसेविकाओं ने काज़ीपुरा वार्ड का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने वार्डवासियों को स्वच्छता के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति प्रेरित किया।
वार्ड भ्रमण से लौटने के बाद, डॉ. मुन्नेश कुमार, (सहायक प्रोफेसर बी.एड. ) ने स्वयंसेवकों को “व्यक्तित्व विकास” पर एक प्रेरक और ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल के महत्व को रेखांकित किया।
दोपहर के भोजन के पश्चात शिविर के तीसरे दिन का समापन कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर बैकुंठ नाथ पाण्डेय द्वारा एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए एक प्रेरणादायक सत्र के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सेवा, समर्पण और अनुशासन के मूल्यों पर प्रकाश डाला। इस सत्र ने स्वयंसेवकों को समाज सेवा के प्रति नई ऊर्जा और जोश प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर मानसिंह, प्रोफेसर माला कुमारी, डॉ. धीरज सिंह डॉ.कीर्ति चंदन आजाद डॉ. कृष्ण कुमार साहू डॉ. त्रिवेंद्र कुमार डॉ. अशोक कुमार यादव डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता आदि उपस्थित रहे । दिन के समापन पर सभी ने शिविर के उद्देश्यों और मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वयंसेवकों / स्वयंसेविकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने देशभक्ति गीत, नाटक और नृत्य के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन इकाई प्रथम के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रवीण पायलट इकाई द्वितीय के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव और इकाई तृतीय के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जयशंकर सिंह के नेतृत्व में हुआ।
