प्रचार-प्रसार के साथ घर-घर खिलाई जा रही है सर्वजन दवा

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  • साइड इफेक्ट का भ्रम मिटने के बाद ग्रामीण सहजता से कर रहे हैं सर्वजन दवा का सेवन
  • ऐसे लोगों की देखरेख की है व्यवस्था, जिलास्तरीय टीम घूम-घूम कर कर रही है निगरानी 
मोतिहारी। फाइलेरिया (हाथीपाँव) गंभीर रोग है जिससे बचाव के लिए वर्ष में एकबार लोगों को दवा का सेवन कराया जाता है ताकि लोग विकलांगता एवं कुरूप कर देने वाले इस गंभीर रोग से बच सकें- ये कहना है जिले के डीभीबीडीसीओ डॉ शरत चंद्र शर्मा का। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा घर-घर सर्वजन दवा का सेवन कराया जा रहा है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों मे दवा सेवन से होने वाले भ्रांतियों को तोड़ते हुए उन्हें फाइलेरिया रोधी दवा सेवन का महत्व बताते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, मुखिया, सरपंच वार्ड सदस्य, सहयोगी संस्था के सहयोग से लोगों को सर्वजन दवा खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि चकिया, चिरैया, ढाका, संग्रामपुर व अन्य क्षेत्रों में कुछ लोगों ने दवा खाने से इनकार किया था पर जनप्रतिनिधियों द्वारा समझाने-बुझाने के बाद लोगों ने दवा का सेवन किया। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय टीम गठित की गई हैं जो घूम-घूमकर दवा सेवन की मॉनिटरिंग/निगरानी कर रही है।
5 से 10 सालों में दिखाई देते हैं इसके लक्षण:
फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। इसके लक्षण 5 से 10 सालों में दिखाई देते हैं। इसलिए इससे बचाव हेतु लोगों को सर्वजन दवाओं का सेवन कराया जाता है। सभी स्वस्थ व्यक्ति को इस दवा का सेवन करना चाहिए। खाली पेट दवा नहीं खानी है। दवा खाने से होने वाले प्रतिकूल प्रभाव के बारे में उन्होंने बताया कि दवा खाने से शरीर के अंदर मरते हुए परजीवी की वजह से कभी-कभी किसी व्यक्ति को सिर दर्द, बुखार, उल्टी, बदन पर चकते एवं खुजली हो सकते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह स्वत: ठीक हो जाता है। फिर भी ज्यादा दिक्कत होने पर ऐसे लोगों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाता है।
दवा खाली पेट नहीं खाएँ:
भीडीसीओ सत्यनारायण उरांव ने बताया कि एल्बेंडाजोल की 14 लाख 84 हजार 43 और डीईसी की 33 लाख 69 हजार 698 गोली अब तक खिलाई जा चुकी है। 2 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 1 गोली और एल्बेंडाजोल की 1 गोली, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 2 गोली व एल्बेंडाजोल की 1 गोली तथा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को डीईसी की 3 गोली व एल्बेंडाजोल की 1 गोली आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा अपने सामने खिलाई जा रही है। श्री उरांव ने बताया कि दवा खिलाने से पहले इस बात की पड़ताल की जाती है कि दवा खाने वालों में कोई गर्भवती महिला न हो। खाली पेट दवा न खाए या गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जा रही है।
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