अशोक वर्मा
मोतिहारी : सदगुरू रविदास कोई चमत्कारी संत नहीं थे बल्कि वे एक क्रांतिकारी योद्धा थे । उन्होंने आजीवन सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर समतामूलक समाज की स्थापना के लिए संघर्ष किया । उक्त बातें राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान के प्रदेश महासचिव विद्यानंद राम ने प्रखंड के लक्ष्मीपुर निवासी किरण राम के दरवाजे पर आयोजित सदगुरू रविदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही।आयोजक किरण राम ने संत रविदास को महान चितक और अलौकिक शक्ति संपन्न महापुरूष कहा। इसके पूर्व उनके जयंती के अवसर छात्रों ने केक काट कर हर्ष प्रकट किया तथा बीसीएम के राष्ट्रीय सह संयोजक पारसनाथ अंबेडकर, वार्ड पार्षद भारत यादव ,अनुसूचित जाति/जन जाति कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश अंबेडकर ने सद्गुरु रविदास दास जी के चित्र पर पुष्प मालाएं चढ़ाकर संयुक्त रूप से समारोह का उद्घाटन किया । समारोह की अध्यक्षता बीसीएम के संस्थाक सदस्य किरण राम ने की । कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थियों द्वारा किया गया। आयोजकों में छात्र मिथिलेश कुमार ,नीरज कुमार ,राकेश कुमार ,अभिमन्यु कुमार ,मुन्ना कुमार ,शामिल थे । समारोह को रामजी बौद्ध , ई0 गौतम कुमार ,मनोज पासवान ,अजय राम शंभूलाल राम,सुकेशर राम ,रूपलाल राय आदि ने संबोधित किया । किरण राम ने अपने अध्यक्षीय भाषण में रविदास जी के जीवनवृत्त पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि सदगुरू रविदास एक महान दार्शनिक थे । उन्होंने उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया । वहीं वार्ड आयुक्त भारत यादव ने सद्गुरु रविदास के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला ।
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