सत्याग्रह द्वारा  बदलाव  का संदेश देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाई गई।

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अशोक वर्मा 
मेहसी : प्रखंड स्थित गंज चौक स्थित बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय  नगर पंचायत के समीप  भारत के सच्चे सपूत और   पूरे विश्व को मानवता, शांति, एकता, भाईचारा तथा निडरता और सत्याग्रह का संदेश देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि सादगी के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन नगर विकास मंच और जेपी सेनानी अमर के द्वारा संयुक्त रूप से की गई।  इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज राणा और उनके सहकर्मियों तथा  छात्राओं के साथ-साथ नगर पंचायत के प्रबुद्ध  नागरिक मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, राकेश कुमार श्रीवास्तव, जेपी सेनानी अमर, शिक्षक राजेश कुमार ,आनंद प्रकाश सिंह, तेज नारायण शर्मा, श्याम कुमार शर्मा, संजय कुमार, कुमारी रंजना, रीता कुमारी, अजीत कुमार ,रमेश कुमार सिंह समेतअनेक लोग मौजूद  थे।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर विद्यालय परिवार के शिक्षकों के साथ-साथ सभी छात्राएं और उपस्थित नागरिकों के द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई।
जेपी सेनानी अमर ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरा विश्व महात्मा गांधी के नक्शे कदम पर आगे बढ़ रहा है क्योंकि हिंसा और युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता, इसके लिए बातचीत और एक दूसरे के सम्मान और सहृदयता  ही हर समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी मिली जुली संस्कृति बहु भाषा और बहुलताबाद ही हमारी ताकत है प्रनाध्यापक  पंकज राणा ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सबों के लिए गर्व का विषय है कि आज राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि के अवसर पर विद्यालय परिवार के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से हम बापू की पुण्यतिथि मिलजुल कर मना रहे हैं। हम उनके बताएं मार्ग पर चलकर ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सकती है उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि हम सभी मिलजुल कर अपने देश समाज को गांधी के बताएं मार्ग पर चलकर इसे आगे बढ़ाएं कार्यक्रम के अंत में प्रयागराज के संगम तट पर महाकुंभ के अवसर पर भगदड़ के शिकार श्रद्धालुओं की हुई अकाल मृत्यु के शिकार दर्जनों श्रद्धालुओं के प्रति 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और खोए हुए व्यक्तियों के प्रशासनिक सहयोग से और नागरिकों के सहयोग से परिजनों से मिलने मिलने की जिज्ञासा प्रकट की गई और उसकी कामना की।
भीड़ के मनोविज्ञान को नियंत्रित करने में समय से असफल रहे इसके ऊपर आगे से ध्यान रखना जरूरी होगा।
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