सच्चे भक्तो  के समक्ष भगवान भी झुकते है : राजनंदनी किशोर

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  • बंजरिया में बने विशाल टेंट में चल रहा है सात दिवसीय भागवत कथा 
        अशोक वर्मा
 मोतिहारी : जिले के बंजरिया में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा में प्रवचन को पधारी अयोध्या की 13 वर्षीय राजनंदनी किशोर के प्रभावशाली सुरमई प्रवचन को सुनने काफी संख्या में लोग पधार रहे हैं ।कथा के तीसरे दिन का  भक्त ध्रुव और नारद प्रसंग था।भक्त  ध्रुव जब तपस्या का निर्णय लेकर तपस्या  पर बैठने को तैयार होते है तब नारद जी आकर कहते है कि तुम पाच वर्ष  के अबोध बालक हो तुमसे तपस्या नही हो सकती।कहा कि जबतक कोई  गुरू नही करते तबतक भगवान नही मिल सकते।तपस्या तुम्हारे वश की बात नही।ध्रुव ने जब उनसे परिचय पूछा तब नारद ने अपना परिचय दिया फिर ध्रुव ने कहा कि मेरी मां कहती है कि नारद भगवान से मिलाते है और आप मुझको तपस्या से  क्यो रोकते है ?मै हर हाल मे तपस्या करूगा और भगवान को मेरे पास आना ही होगा।   नारद जी भक्त  ध्रुव  के दृढ़ संकल्प को देख विभोर हुये और कहा कि मै आपका परीक्षा ले रहा था।मै तुमको तपस्या मे मदत करूंगा और ध्रुव  को एक मंत्र  दिया।ध्रुव स्नान आदि कर संपूर्ण  त्यागी बन तपस्या  पर बैठ गये।तीन दिन के अन्तराल पर पत्ता खाया फिर नौ दिन के अंतराल पर जल ग्रहण  किया।ध्रुव  की तपस्या पर चारो तरफ हाहाकार मच गया।सभी देवतागण भगवान के समक्ष पहुँचकर दर्शन देकर तपस्या  समाप्त करने का आग्रह  किया।भगवान ने देवताओ  को दर्शन  कराने को कहा।भगवान ने ध्रुव  के पास आकर आखे खोलने को कहा,आवाज लगाई फिर पाव खीची।ध्रुव  ने आखे खोली तो साक्षात भगवान को देख प्रसन्न  हुये,उनकी साधना सफल हुई।तपस्या  का फल मिला और सभी शास्त्र कंठस्थ  हुये।                  प्रवचन कर्ता वैदेही ने कथा के बीच- बीच मे अपने मधुर आवाज मे भक्ति आधारित गीत प्रस्तुत करती रही।उनकी संगीत मंडली सधी थी जिसके कारण भक्ति का माहौल बना रहता था।                                  तीसरे दिन के प्रवचनमाला मे बेतिया के सांसद डॉक्टर  संजय जयसवाल, पूर्व विधानपार्षद बबलू गुप्ता एवं अन्य  स्थानीय नेतागण मंच पर आकर प्रवचन कर्ता राजनंदनी किशोर को सम्मानित  किया और उनसे आशीर्वाद  लिया।प्रवचन कार्यक्रम को सफल करने  मे संरक्षक अजय गुप्ता, श्रवण कुमार,विश्वनाथ  जी,प्रेम  आदि तन मन से जुटे रहे।प्रवचन स्थल के परिसर मे मेला का नजारा था,कई खेल तमाशा,झूला आदि लगे थे दुकाने भी सजी थी।प्रवचन सुनने काफी संख्या  मे महिला पुरूष धर्म  परायण लोग पधार रहे है।
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