तुरकौलिया की 09 महिलाओं ने कराया बंध्याकरण

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  • जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े के तहत हुआ यह बंध्याकरण
  • जागरूकता से ही बढ़ती जनसंख्या पर रोक सम्भव: डीसीएम 
मोतिहारी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुरकौलिया की 09 महिलाओं ने जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े के तहत बंध्याकरण कराया है। प्रखंड के बीसीएम विमलेंदु शेखर ने बताया की जिले के सभी 27 प्रखंडों में बढ़ती जनसंख्या के बारे में जागरूक करते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पख़वाड़े के दौरान तुरकौलिया प्रखंड क्षेत्र में महिलाओं को बंध्याकरण व पुरुषों को नसबन्दी कराने के लिए आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा प्रेरित किया जा रहा है। सारथी रथ निकालकर माइकिंग कर गाँव-कस्बों में जागरूकता फैलाया जा रहा है जिसका परिणाम है कि निशा कुमारी सपही, राधा देवी बिजुलपुर, सरोज कुमारी कोटवा, संगीता कुमारी जयसिंहपुर व अन्य महिलाएँ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुरकौलिया आकर सूर्या क्लीनिक के डॉ आर के वर्मा तथा डॉ नूतन सिन्हा द्वारा बंध्याकरण कराया गया। बीसीएम विमलेंदु शेखर ने बताया कि बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन कराया जाना बेहद आवश्यक है। क्योंकि बड़े परिवार की अपेक्षा छोटा परिवार सुखी परिवार माना जाता है।
स्थायी समाधान के लिए आवश्यक है परिवार नियोजन:
तुरकौलिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अर्जुन कुमार गुप्ता ने बताया कि परिवार नियोजन के स्थायी समाधान के लिए महिला या पुरुषों का बन्ध्याकरण कराया जाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए लगातार स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जगह जगह पोस्टर, बैनर, प्रचार गाड़ी सोशल मीडिया के माध्यम से एवं आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से समय-समय पर अस्पतालों में बन्ध्याकरण कराने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है। साथ ही बन्ध्याकरण कराने वाली महिला या पुरुषों को आर्थिक लाभ भी दिया जाता है।
जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हो रहा बन्ध्याकरण:
डीसीएम नंदन झा ने बताया कि जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में महिलाओं का निःशुल्क बंध्याकरण किया जा रहा है। साथ ही महिला बंध्याकरण में लाभार्थियों को 2000 एवं पुरुष नसबंदी के लाभार्थियों को 3000 रुपए का आर्थिक सहायता दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी एक आसान शल्यक्रिया है, पुरुषों को भी नसबंदी को आगे आना चाहिए।
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