- 2005 के पहले के सच को स्वीकार करें तेजस्वी
- तेजस्वी बताएं कि शिल्पी- गौतम कांड किसके समय में हुआ
गया।भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सच से दूर भागना तेजस्वी की आदत है। ये सच के सामने कभी टिक ही नहीं सकते। 2005 के बाद एनडीए सरकार में बिहार में जो विधि -व्यवस्था कायम हुई है, वह बिहार ही नहीं पूरे देश के लिए सुखद आश्चर्य है। मिश्र ने आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बिहार में आज जो भी विकासपरक कार्य दिख रहे हैं, वह एनडीए सरकार की ही देन है। छोटी पुलिया से लेकर बड़े पुल तक का निर्माण एनडीए के शासनकाल में हुआ। सड़क, बिजली, स्कूल और अस्पताल सभी एनडीए सरकार की ही देन है। लेकिन, तेजस्वी की आंखों पर अहंकार की चर्बी चढ़ गयी, इसलिए उन्हें ये सब नहीं दिखायी दे रहा। एनडीए सरकार में बिहार में कोई अपराधी बच नहीं सकता। अगर कोई आपराधिक घटना होती है, तो उसपर त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों को तुरंत दबोच लिया जाता है। मिश्र ने कहा कि बिहार में अमन-चैन देखकर तेजस्वी का कलेजा फट रहा है। इसलिए वे इधर-उधर की बातें कर रहे हैं। तेजस्वी को अपने माता-पिता से पूछना चाहिए कि क्या राजद के शासनकाल में अपराधियों को संरक्षण प्राप्त नहीं था ? सड़क और पुल-पुलिया का शिलान्यास भी नहीं होता था और सारे पैसे मंत्री गटक जाते थे। कानून -व्यवस्था की बात करनेवाले तेजस्वी को अपने माता-पिता से पूछना चाहिए कि ‘शिल्पी-गौतम कांड’ किसके समय में हुआ था और उस मामले को कैसे और क्यों दबा दिया गया। जिसके परिवार के हाथ खून से रंगे हैं, वह कानून व्यवस्था की पाठ पढ़ाने चला है। राजद के शासनकाल में बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध का जो नंगा नाच हुआ है, उसके लिए बिहार की जनता ‘जंगल राज’ के युवराज को कभी माफ नहीं करेगी।
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