बिहार में नौकरी के नाम पर लड़कियों से अय्याशी का खेल, रेप से लेकर अबॉर्शन तक के आरोप, पीड़िता बोली-बेल्ट से पीटते थे

Live News 24x7
4 Min Read

कहानी भले रील वाली लगेगी लेकिन है रीयल. जिसमें झूठी नौकरी है, सेक्स है और फिर धोखेबाजी है.मुजफ्फरपुर में झूठी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे अय्याशी के गंदे खेल का शिकार हुई पीड़िता को जब सच्चाई का अहसास हुआ तो वो इंसाफ के लिए अदालत के दरवाजे पर पहुंची, जिसके बाद बड़ी मुश्किल से पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है.

अय्याशी करनेवालों ने बकायदा डीबीआर नाम की एक कंपनी खोल रखी है, जिसमें नौकरी के नाम पर बेराजगार युवक-युवतियों को बुलाया जाता है और फिर लालच में फंसाकर उनका यौन शोषण किया जाता है. सारण जिले के मशरक थाना इलाके की रहनेवाली 23 साल की युवती भी नौकरी के झांसे में आ गयी और बन गयी इस गैंग का शिकार.

23 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि “मूल रूप से सिवान के मैरवा थाना इलाके के रहनेवाले तिलक कुमार सिंह से उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई. कुछ दिनों बाद तिलक सिंह ने उसे जॉब ऑफर किया, जिसके लिए वो मुजफ्फरपुर आ गयी. सैलरी 25 हजार रुपये बताई गयी. रूम और मेस के लिए 20 हजार रुपये भी जमा करा लिए. कुछ दिनों के लिए एक सेंटर पर भेजा भी गया. इसके बाद बखरी स्थित कंपनी में बुलाया गया. वहां 500 से अधिक युवक और युवतियां पहले से थीं.”

कंपनी में करीब 3 महीने तक सिर्फ फ्रॉड कॉल करने के बारे में सिखाया गया. लेकिन, सैलरी नहीं दी. किसी तरह कंपनी में 52-53 लोग को ज्वॉइन कराया. तब बताया कि डीबीआर कंपनी में शेयर होल्डर हो गई हो. इसके बाद शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया. प्रेग्नेंट हुई तो दवा खिलाकर तीन बार गर्भपात करा दिया. इसी दौरान 19 मई 2023 को बखरी स्थित कंपनी में अहियापुर थाने ने रेड कर दी. जिसके बाद मुझे हाजीपुर ऑफिस लाया गया. वहां नकली शादी कराई गयी.

पीड़िता के मुताबिक “नकली शादी के बाद तिलक सिंह अपने रूम पर पत्नी के रूप में रख कर यौन शोषण करता रहा. मायके चलने के लिए कहने पर बहलाने-फुसलाने लगता था.जिद करने पर 26 दिसंबर 2023 को पटना ऑफिस बुलाया गया. वहां सभी आरोपियों ने मारपीट की और मोबाइल से शादी की सभी तस्वीर और वीडियो डिलीट कर दी मोबाइल, सिम और मेमोरी को भी नष्ट कर दिया.”

पीड़िता ने बताया कि “मारपीट के बाद तिलक सिंह ने उसे पटना से लाकर मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड छोड़ दिया. धमकी दी कि कंप्लेन करने पर भाई समेत पूरे परिवार को लापता कर देंगे.पीड़िता ने बताया कि चिटफंड कंपनी की आड़ में बेरोजगार युवक-युवतियों को फंसाया जाता है. उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है. युवतियों का यौन शोषण किया जाता है.

पीड़िता ने बताया कि “शिकायत लेकर थाने गई तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बदले कहा कि थाने से कुछ नहीं होगा.कोर्ट में जाओ.जिसके बाद पीड़िता ने कोर्ट में परिवाद दायर किया. इसके बाद भी अहियापुर थाने में FIR दर्ज नहीं की गई. इसके बाद पीड़िता ने दुबारा कोर्ट की शरण ली.तब जाकर कोर्ट के निर्देशानुसार अहियापुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई.”

पीड़िता ने FIR में डीबीआर कंपनी के सीएमडी मनीष सिंह, तिलक सिंह के अलावा इनामुल अंसारी, अहमद रजा,विजय कुशवाहा, कन्हैया कुशवाहा, हृदय आनंद सिंह और मोहम्मद इरफान को आरोपी बनाया है. FIR पहले क्यों नहीं की गयी इसको लेकर पुलिस कुछ बोलने से बच रही है.मामले में टाउन एसडीपीओ-2 बिनीता सिन्हा ने कहा कि “FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. पहले के परिवाद के आधार पर FIR क्यों नहीं की गई, इसकी जांच की जाएगी.”

375
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *