बेतिया, मझौलिया। मानवाधिकार आयोग बिहार के निर्देश पर मुख्य शल्य चिकित्सा पदाधिकारी के आदेशानुसार मझौलिया चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा जारी जांच पत्र नोटिस से प्रखंड में अवैध रुप से संचालित नर्सिंग होम,अल्ट्रासाउंड जांच घर तथा क्लिनिकों के संचालकों के बीच खलबली सी मच गई है।मझौलिया चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ओमप्रकाश ने बताया कि जारी की गई नोटिस में प्रतिष्ठान का निबंधन मानक के अनुरूप तकनीशियन और उपकरण मानक के अनुरूप ओपीडी में सुविधाये प्रदूषण और आग वचाव उपकरण सहित शुद्ध पेयजल एवं सेनेटाइजेसन होना अति अनिवार्य है।उन्होंने बताया कि बीयूएमएस,बीएएमएस तथा आयुर्वेद चिकित्सकों को शल्य चिकित्सा करना कानूनन अपराध है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि साल में एक बार प्रतिष्ठान का नवीनीकरण कराना आवश्यक है।साथ ही उन्होंने चेताया कि दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट का होना अत्यंत जरूरी है।इधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जांच पत्र नोटिस से अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड जांच घर एवं क्लिनिकों के संचालकों में हड़कंप से मच गया है।
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