अशोक वर्मा
मोतिहारी : वर्तमान बदलते दौर मे डाक्टर भी बीमारी नही पकड पा रहे है,गैस्ट्रिक, बीपी,सूगर लीवर ,हार्ट, ब्रेन हेमरेज,अचानक आँख की रौशनी चले जाना आदि बीमारियों से आम जनता दिनोदिन जूझ रही है और मेहनत की गाढी कमाई डाक्टरो के यहां उझल रही है।इन सभी का मुख्य कारण विश्व स्वास्य संगठन ने रसायनिक खाद आधारित उत्पादन को माना है।
उक्त बाते नगर के धर्म समाज रोड स्थित जैविक उत्पादन विक्री केंद्र बालाजी ट्रेडर्स के निर्देशक अशोक टंडन ने कही।
यूटीआई के बडे कारोबारी टंडन ने अपने इस कार्य को अपनाने के रहस्य पर बताया कि जीवन के इस उम्र मे मैने इस कार्य को निजी लाभ के लिये नही खोला हूं बल्कि आम लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने और बीमारी से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से खोला हूं।उन्होंने कहा कि
आध्यात्मिक संगठनो ने रासायनिक खाद के बढते प्रचलन के साथ हीं इससे भविष्य मे आने वाली बीमारियों के प्रति आगाह कर दिया था,लेकिन अधिक उत्पादन के लालच मे किसानों ने धरती की शक्ति को रासायनिक खाद डाल डाल कर निचोड कर उसे खोखला कर दिया है।
आर्गेनिक खेती की विधि पर कहा कि बिल्कुल प्राकृतिक विधि से तैयार गैर रासायनिक खाद आधारित उत्पादन ही आर्गेनिक खेती है।
गोमूत्र,उरीद दाल,गोबर आदि को पुरानी विधि से सडाकर यह खाद बनता है ।इससे उत्पादित अनाज स्वास्य वर्धक होता है।कीट नाशक भी प्राकृतिक विधि से तैयार होता है।
टंडन ने जैविक उतपादको मे मडुआ,जौ आंटा,दलिया,कोदो,मोटा चावल,गेहूं चना तथा मिक्स आंटा दिखाते हुये कहा कि इसके सेवन से चंद दिनो मे चमत्कारी लाभ मिलने लगती है।कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन आर्गेनिक उत्पादन एवं मोटे पारंपरिक अनाज सेवन करने की सलाह दे रहा है।
अशोक टंडन ने कहा कि डाक्टरों के घरो के भोजन को अगर देखेंगे तो उनके कीचन मे आर्गेनिक अनाज , फल और देशी गाय का दूध हीं मिलेंगे।
237