अवैध निकासी की जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन दें : अगले दो से तीन दिनों के अंदर रिकवरी सुनिश्चित हो,नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई

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  • मेंटेनेंस के कार्य में अनियमितता की जांच कर कार्रवाई करें 
  • बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए
  • सी के अनिल,अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग 
मोतिहारी। सी के अनिल, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के द्वारा आज पूर्वी चंपारण समाहरणालय मोतिहारी स्थित डॉ राजेंद्र प्रसाद सभागार में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव एवं उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार की उपस्थिति में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियो के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
    समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गलती हो जाना एक अलग बात है परंतु जानबूझकर गलती करना गंभीर मामला है। उनके द्वारा निर्देश दिया गया कि जो भी अवैध निकासी की गई है उसकी जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन देना सुनिश्चित किया जाए। अपर मुख्य सचिव के द्वारा निर्देश दिया गया कि शिक्षा विभाग से जुड़े कोई भी शिक्षक, पदाधिकारी अथवा कर्मी अगर अधिक वेतन का उठाव किए हैं तो अगले दो से तीन दिन के अंदर  उसकी वापसी करें नहीं तो इस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि इससे संबंधित जानकारी अपने प्रखंड अंतर्गत सभी शिक्षकों एवं कर्मियों को दे दी जाए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालय में किए गए मेंटेनेंस के कार्य की भी जांच कराई जाए और इसमें अगर कहीं अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
   बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर अपर मुख्य सचिव ने उपस्थित सभी शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया एवं कहा गया कि शिक्षक बच्चों से अभिभावक की तरह व्यवहार रखें एवं उन्हें प्रोत्साहित करें। पदाधिकारी भी जब विद्यालय निरीक्षक में जायें तो बच्चों से इंटरेक्ट करें एवं उनके साथ एमडीएम का खाना भी खाएं।
उनके द्वारा बताया गया कि पूरे बिहार में एक माह के लिए सघन नशा मुक्त बिहार अभियान चलाया रहा है, इसमें शिक्षा विभाग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले एवं बच्चों और अभिभावकों को नशा मुक्ति के लिए प्रोत्साहित करें।
विद्यालय परिसर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। विद्यालयों में रक्तदान शिविर का आयोजन हो एवं योगाभ्यास/व्यायाम का कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित हो। विद्यालय में सोशल वर्क को अनिवार्य बनाया जाए ताकि बच्चों में नैतिक जिम्मेदारी का एहसास हो।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको उस धरती पर कार्य करने का अवसर मिला है जहां महात्मा गांधी जी ने पैर रखा था। आपको इसी गौरव की अनुभूति के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया कि पूर्वी चंपारण जिले में कुल 33 मॉडल विद्यालय स्थापित कराए गए हैं। सभी विद्यालयों को एक-एक वरीय पदाधिकारी गोंद लिए हुए हैं। पदाधिकारियो के द्वारा मॉडल स्कूल का नियमित भ्रमण किया जा रहा है। वहां पर नियमित रूप से क्लास भी लिया जा रहा है। प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी को सप्ताह में 3 दिन विद्यालय निरीक्षण का निर्देश दिया गया है और यह भी बोला गया है कि विद्यालय निरीक्षक के दौरान बच्चों से इंटरेक्ट करेंगे और मध्यान भोजन निश्चित रूप से उनके पंगत में बैठकर ग्रहण करेंगे। जिसका अनुपालन भी हो रहा है। इस पर अपर मुख्य सचिव के द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गई और उन्होंने कहा कि जो भी अच्छे प्रैक्टिसेज हैं उसे निश्चित रूप से लागू करना चाहिए।
  अपर मुख्य सचिव के द्वारा समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया गया की भवनहीन विद्यालयों के लिए अगले 15 दिनों में भूमि चिन्हित कर प्रतिवेदन करें। कायाकल्प अभियान के अंतर्गत जितनी भी योजनाएं ली गई है सभी को 20 नवंबर तक हर हाल में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि वेतन मद या अन्य किसी भी मद में राशि की आवश्यकता है तो उससे संबंधित आवंटन की मांग शीघ्र कर लिया जाय।
    बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी, शिक्षा विभाग के सभी डीपीओ, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।
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