जीवन रक्षा के कौशल और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में आईआईएम बोधगया की पहल

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  • सीपीआर प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता के जरिए विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को आपातकालीन स्थितियों में सही कदम उठाने के लिए तैयार करने की पहल।
बोधगया।सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कमेटी ‘प्रगति’ के सहयोग से 31 अक्टूबर 2026 को कैंपस में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) जागरूकता एवं स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया।
इस पहल का आयोजन मेडिवर्सल हेल्थकेयर और संस्थान के चिकित्सा केंद्र ‘धन्वंतरि’ के सहयोग से किया गया है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जिन्होंने प्रशिक्षण सत्रों और स्वास्थ्य जाँच शिविर में भाग लिया है।
यह पहल आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता एस. सहाय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई है। सामाजिक जिम्मेदारी, जागरूकता और अच्छे मूल्यों को बढ़ावा देने वाले नेतृत्व के विकास के प्रति उनकी सोच इस पहल का आधार रही। इसी दिशा में, प्रगति के अध्यक्ष प्रो. सुरेश के. जी. और उपाध्यक्ष प्रो. अजित टॉम जेम्स ने कार्यक्रम की योजना बनाने और उसे सफलतापूर्वक आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम का बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया और विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है।
इस पहल की सफलता पर अपने विचार साझा करते हुए, एक प्रतिभागी ने कहा, “आज के कार्यक्रम में हमने देखा कि हमारे कैंपस के लोग अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कितने जागरूक हैं। हमारी मेडिकल टीम और हेल्थकेयर पार्टनर्स ने सभी को जो प्रशिक्षण दिया, उससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान लोग केवल देखने वाले न रहें, बल्कि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद करने में सक्षम हों।”
इस कार्यक्रम में केवल जानकारी देने के बजाय, प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया है। उन्होंने मैनिकिन पर चेस्ट कंप्रेशन का अभ्यास किया, आपातकालीन स्थिति में घबराहट को संभालना सीखा और मॉक इमरजेंसी के दौरान टीम के साथ मिलकर काम करने का अभ्यास किया है।
इस पहल के जरिए, प्रगति सामुदायिक जुड़ाव, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति आईआईएम बोधगया के प्रयासों को आगे बढ़ा रही है। यह कार्यक्रम बताता है कि सीखना केवल कक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए। साथ ही, इसका उद्देश्य ऐसे मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स तैयार करना है, जो समझें कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ संगठन को सफल बनाना नहीं, बल्कि लोगों की भलाई और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है।
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