बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अब पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी। राज्य में 1 नवंबर 2026 से बिजली के नए कनेक्शन के लिए संशोधित सर्विस कनेक्शन शुल्क लागू किया जा रहा है। नई दरों के प्रभावी होने के बाद घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेने के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
नई व्यवस्था के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक का बिजली कनेक्शन लेने के लिए 900 रुपये देने होंगे। वहीं, अधिक क्षमता वाले कनेक्शन के लिए शुल्क बढ़ जाएगा। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर जुलाई में ही नई दरों को स्वीकृति प्रदान कर दी थी। इसके बाद 29 जुलाई को बिजली कंपनियों की ओर से संबंधित जिलों को इसकी जानकारी भी उपलब्ध करा दी गई थी।
सिंगल फेज कनेक्शन के लिए कितना देना होगा?
बिजली कंपनियों ने एलटी सिंगल फेज श्रेणी में 7 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए हैं। नई दरों के अनुसार:
- 3 किलोवाट तक: 900 रुपये।
- 3 किलोवाट से अधिक: 2,700 रुपये।
- अतिरिक्त लोड: निर्धारित सीमा से आगे प्रत्येक किलोवाट पर 1,000 रुपये अतिरिक्त।
इसका मतलब है कि जिन घरों में ज्यादा बिजली उपकरणों का इस्तेमाल होता है और अधिक लोड की जरूरत है, उन्हें नया कनेक्शन लेने के लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।
थ्री फेज कनेक्शन की दरों में भी बदलाव
अधिक बिजली खपत वाले घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले एलटी थ्री फेज कनेक्शन के लिए भी लोड के आधार पर शुल्क निर्धारित किया गया है।
5 से 19 किलोवाट तक:
- 5 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 4,500 रुपये।
- 5 किलोवाट से अधिक लोड होने पर प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,500 रुपये अतिरिक्त।
20 से 44 किलोवाट तक:
- 20 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 21,000 रुपये।
- 20 किलोवाट से अधिक लोड होने पर प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त।
150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए तय की गई व्यवस्था
नई शुल्क व्यवस्था में एलटी सिंगल फेज, एलटी थ्री फेज और एचटी श्रेणी के कनेक्शन को शामिल किया गया है। बिजली कंपनियों ने 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया है। इससे आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को पहले ही यह जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें कनेक्शन लेने के लिए कितनी राशि जमा करनी होगी।
हालांकि, यह व्यवस्था उन्हीं क्षेत्रों में लागू होगी, जहां पहले से बिजली आपूर्ति की बुनियादी सुविधा उपलब्ध है। शुल्क जमा होने के बाद बिजली वितरण कंपनी तकनीकी आवश्यकता के अनुसार मीटर तक लाइन और सर्विस तार की व्यवस्था करेगी। इसके बाद उपभोक्ता को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
घर बनवाने से लेकर कारोबार शुरू करने वालों पर पड़ेगा असर
1 नवंबर 2026 से नई दरें लागू होने के बाद बिहार में नया मकान बनवा रहे लोगों, दुकानदारों और छोटे-बड़े कारोबारियों को बिजली कनेक्शन के खर्च का नया हिसाब लगाना होगा। विशेष रूप से अधिक बिजली लोड की आवश्यकता वाले उपभोक्ताओं के लिए कनेक्शन लेना पहले की तुलना में महंगा हो सकता है।
बिजली वितरण कंपनियों ने अपने संबंधित अंचलों, प्रमंडलों और उपप्रमंडलों को संशोधित शुल्क के अनुसार काम करने का निर्देश दिया है। ऐसे में नवंबर से नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को नई निर्धारित दरों के मुताबिक भुगतान करना होगा।
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