यूपी पुलिस का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: ₹635 करोड़ बैंक खातों में कराए ‘फ्रीज’, DGP राजीव कृष्ण ने पेश किया एक्शन रिपोर्ट कार्ड

Live News 24x7
5 Min Read

डिजिटल युग में तेजी से पैर पसार रहे साइबर अपराध पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने जानकारी दी है कि पिछले एक वर्ष के दौरान साइबर ठगी से जुड़े मामलों में पुलिस की तत्परता और त्वरित कार्रवाई के चलते विभिन्न बैंक खातों में मौजूद ₹635 करोड़ की भारी-भरकम राशि को समय रहते ‘फ्रीज’ (होल्ड) कराने में सफलता मिली है। लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राज्य पुलिस का वार्षिक रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए डीजीपी ने कहा कि इस समयबद्ध हस्तक्षेप से प्रदेश भर के हजारों निर्दोष नागरिकों की गाढ़ी कमाई साइबर ठगों के हाथों में जाने से बच सकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तय की गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत संगठित माफिया, नशा तस्करों और साइबर जालसाजों के खिलाफ बहुआयामी अभियान चलाया जा रहा है।

1930 हेल्पलाइन और ‘गोल्डन ऑवर’ की त्वरित कार्रवाई से बची जनता की पूंजी

साइबर अपराध के मामलों में ठगी की रकम को बचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है, क्योंकि जालसाज चंद मिनटों के भीतर पैसे को मल्टी-लेयर म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कर लेते हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित साइबर थानों और केंद्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) के नेटवर्क को वित्तीय संस्थानों व बैंकों के साथ रियल-टाइम एपीआई (API) से जोड़ा गया है। जैसे ही किसी पीड़ित द्वारा ठगी की सूचना दर्ज कराई जाती है, पुलिस की नोडल टीमें ‘गोल्डन ऑवर’ (घटना के शुरुआती घंटे) में सक्रिय होकर संबंधित नोडल बैंक अधिकारियों से समन्वय करती हैं। इसी त्वरित वित्तीय नाकेबंदी (Financial Blocking) का परिणाम है कि पिछले 12 महीनों में ₹635 करोड़ की राशि को ठगों द्वारा निकाले जाने से पहले ही बैंकों में फ्रीज कराया जा सका। अब इन मामलों में विधिक प्रक्रिया पूरी कर अदालती आदेशों के माध्यम से पीड़ितों के खातों में यह राशि वापस कराने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

माफिया नेटवर्क ध्वस्त और नशा तस्करी पर कड़ा प्रहार: 36 हजार किलो ड्रग्स जब्त

पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर डीजीपी ने प्रदेश की सामान्य कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध के खिलाफ उठाए गए कदमों का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बड़े गैंगस्टरों और माफियाओं की अवैध आर्थिक रीढ़ को तोड़ने के साथ-साथ सड़क और मोहल्लों के स्तर पर होने वाले अपराधों पर भी कड़ा अंकुश लगाया गया है। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस ने 26 बड़े आपराधिक कार्टेल को पूरी तरह ध्वस्त किया है। इस दौरान 6,000 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया और करीब 36,000 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस केवल नशीले पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं रही, बल्कि तस्करों के पूरे वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी कानूनी कार्रवाई की जद में लाया गया है।

सड़क हादसों और मौतों में आई बड़ी कमी: सुगम यातायात अभियान सफल

कानून-व्यवस्था के अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस ने सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए भी व्यापक कार्ययोजना लागू की है। डीजीपी के अनुसार, यातायात नियमों के सख्त अनुपालन, हाईवे पर ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, आधुनिक स्पीड-कैमरा मॉनिटरिंग और लगातार चलाए गए जन-जागरूकता अभियानों के चलते प्रदेश में सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। एक्सप्रेसवे और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर गलत दिशा में वाहन चलाने और ओवरस्पीडिंग के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई से कई अनमोल जिंदगियां बचाने में मदद मिली है।

iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर 1 करोड़ कोर्स: ट्रेनिंग में देश भर में अव्वल यूपी पुलिस

डिजिटल तकनीक और प्रशासनिक दक्षता के मोर्चे पर भी यूपी पुलिस ने एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने गर्व के साथ साझा किया कि केंद्र सरकार के ‘iGOT कर्मयोगी’ (iGOT Karmayogi) डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म पर 1 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम (Courses) सफलतापूर्वक पूरे करने वाला उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग पूरे देश का पहला पुलिस बल बन गया है। पुलिसकर्मियों को साइबर इन्वेस्टिगेशन, आधुनिक फॉरेंसिक साइंस, पब्लिक डीलिंग और मानवाधिकार जैसे संवेदनशील विषयों पर निरंतर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस आधुनिक और निरंतर प्रशिक्षण प्रणाली से पुलिस बल की पेशेवर दक्षता में बड़ा सुधार देखने को मिला है, जिससे पुलिस जनता की शिकायतों पर अधिक संवेदनशीलता और तकनीकी कुशलता के साथ कार्रवाई कर रही है।

17
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *