विमान यात्रा के दौरान सुरक्षा पर मंडराता खतरा और DGCA का नया फरमान

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आसमान में बादलों के बीच सफर करना जितना रोमांचक और आरामदायक होता है, उतनी ही कड़ी चुनौतियां विमानन सुरक्षा (Aviation Safety) को लेकर होती हैं। हाल ही में देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो (Indigo) के एक विमान के भीतर अचानक पावर बैंक में भीषण आग लगने की एक खतरनाक घटना सामने आई थी। इस सनसनीखेज हादसे ने देश के विमानन नियामक और सुरक्षा प्राधिकरणों के कान खड़े कर दिए हैं। इस गंभीर खतरे को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बेहद कड़ा और त्वरित फैसला लेते हुए भारतीय विमानों में यात्रियों द्वारा ले जाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और पावर बैंकों के इस्तेमाल को लेकर नए और कड़े सुरक्षा निर्देश जारी कर दिए हैं। डीजीसीए ने स्पष्ट कर दिया है कि यात्रियों की जरा सी लापरवाही अब सैकड़ों लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है, इसलिए सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

इंडिगो विमान में लगी आग के बाद क्यों उठा यह सख्त कदम

कुछ समय पहले इंडिगो की एक उड़ान के दौरान विमान के भीतर अचानक एक यात्री के पावर बैंक में शार्ट सर्किट हुआ, जिससे तेजी से चिंगारी निकली और कुछ ही पलों में आग की लपटों ने केबिन में अफरा-तफरी मचा दी। गनीमत यह रही कि क्रू मेंबर्स की सूझबूझ और तत्परता के कारण समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, वरना यह एक बड़ी विमान दुर्घटना में बदल सकती थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि सस्ते और घटिया क्वालिटी की लिथियम-आयन बैटरी वाले पावर बैंक, ओवरचार्जिंग और सफर के दौरान तापमान में होने वाले बदलावों के कारण फट जाते हैं। इसी घटना के बाद से डीजीसीए और अन्य अंतरराष्ट्रीय विमान सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात की समीक्षा की कि विमान के बंद और हाई-प्रेशर वाले केबिन में बैटरियों से होने वाला खतरा कितना घातक साबित हो सकता है।

सफर के दौरान पावर बैंक ले जाने के लिए डीजीसीए के नए सख्त नियम

नए दिशानिर्देशों के तहत यात्रियों को अब विमान के भीतर पावर बैंक ले जाने और उनके इस्तेमाल पर भारी पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा। डीजीसीए के नियमों के मुताबिक, कोई भी यात्री चेक-इन लगेज (Checked-in Baggage) के अंदर पावर बैंक या स्पेयर लिथियम बैटरियां बिल्कुल नहीं रख सकता है, क्योंकि कार्गोल्ड में आग लगने पर तुरंत पता लगाना असंभव होता है। सभी पावर बैंकों को केवल और केवल कैबिन बैगेज (Cabin Baggage) यानी हाथ वाले बैग में ही अपने साथ रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, विमान के उड़ान भरने, लैंडिंग करने या सफर के दौरान किसी भी परिस्थिति में पावर बैंक से मोबाइल फोन या अन्य डिवाइस को चार्ज करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यात्री केवल एक निश्चित क्षमता (आमतौर पर 100Wh से कम) के पावर बैंक ही अपने साथ ले जा सकते हैं, और यदि किसी पावर बैंक पर उसकी क्षमता या वोल्टेज के आंकड़े स्पष्ट नहीं लिखे होंगे, तो सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मी उसे तुरंत जब्त कर लेंगे।

विमान यात्रा के दौरान अन्य किन चीजों पर लगा है कड़ा प्रतिबंध

पावर बैंक के अलावा हवाई सफर में कई अन्य खतरनाक और ज्वलनशील सामानों को ले जाने पर पहले से ही सख्त प्रतिबंध लागू हैं, जिन्हें यात्रियों को गांठ बांध लेना चाहिए। इनमें मुख्य रूप से लाइटर, माचिस, रसोई का गैस सिलेंडर, अत्यधिक ज्वलनशील स्प्रे, एरोसोल, पेंट, थिनर, आतिशबाजी का सामान और केमिकल युक्त ब्लीच शामिल हैं। इसके अलावा, नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची, ब्लेड और बड़े हथियार कैबिन बैग में ले जाना पूरी तरह वर्जित है। पावर बैंक और ई-सिगरेट (E-Cigarettes) या वेप जैसे गैजेट्स को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो चुकी हैं। यदि कोई भी यात्री नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित सामान विमान के भीतर ले जाने की कोशिश करता है, तो उसे भारी जुर्माना भरने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और एयरपोर्ट पर ही हिरासत में लिए जाने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हवाई यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए यात्रियों का इन नियमों का पालन करना सबसे पहली जिम्मेदारी है।

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