- सड़क हादसे में हुई मौत के बाद पीड़ित परिवार को 1.01 करोड़ रुपये देने का था आदेश
- समय पर भुगतान नहीं करने पर रामगढ़ कोर्ट ने की सख्त कार्रवाई
रामगढ़:व्यवहार न्यायालय, रामगढ़ के निर्देश पर सोमवार को शहर के मेन रोड स्थित द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की चल संपत्ति को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों को न्यायालय द्वारा निर्धारित इंश्योरेंस क्लेम की राशि का भुगतान नहीं किए जाने के मामले में की गई है। न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं करने पर पीड़ित पक्ष की ओर से दोबारा न्यायालय की शरण ली गई, जिसके बाद कोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए कंपनी की चल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया।
2023 में सड़क हादसे में हुई थी मौत, पत्नी ने लगाया था लापरवाही का आरोप
मामले के संबंध में मौके पर पहुंचे अधिवक्ता प्रेम रंजन ने बताया कि वर्ष 2023 में कुज्जू ओपी क्षेत्र के बोगाहारा गांव निवासी चंद्रदेव तुरी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद मृतक की पत्नी सुरगिया देवी ने ट्रक मालिक और चालक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। मामले में न्यायालय में दायर प्रकरण के बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
बताया गया कि संबंधित वाहन का इंश्योरेंस द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया गया था। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद पीड़ित परिवार को एक करोड़ एक लाख 36 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश इंश्योरेंस कंपनी को दिया था।
कोर्ट के आदेश के बाद भी तय समय में नहीं हुआ भुगतान
अधिवक्ता के अनुसार, न्यायालय की ओर से भुगतान के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए जाने के बावजूद इंश्योरेंस कंपनी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर पीड़ित परिवार को राशि का भुगतान नहीं किया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने दोबारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बताया गया कि ओरिजिनल क्लेम केस 15/23 के आदेश के बावजूद निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद पीड़ित पक्ष की ओर से न्यायालय में एक्जीक्यूशन केस संख्या 4/26 दर्ज कराया गया।
भुगतान नहीं हुआ तो कोर्ट ने कंपनी की चल संपत्ति जब्त करने का दिया आदेश
मामले में सुनवाई के बाद न्यायालय ने द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की रामगढ़ शाखा की चल संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया। न्यायालय के निर्देश के आलोक में सोमवार को व्यवहार न्यायालय से पहुंचे नाजिर मनोज सिंह, प्रोसेस सर्वर मुकेश कुमार और जगदेव महतो ने कंपनी कार्यालय की चल संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी हलचल देखी गई। न्यायालय के आदेश के तहत संबंधित चल संपत्तियों को सील कर दिया गया।
पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद भी नहीं मिली क्लेम राशि
सड़क दुर्घटना में परिवार के सदस्य को खोने के बाद मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों को न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने के कारण लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अब कोर्ट की सख्त कार्रवाई के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।
अधिवक्ता प्रेम रंजन ने कहा कि न्यायालय द्वारा मुआवजा राशि देने का आदेश पारित किए जाने के बावजूद जब कंपनी की ओर से निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तब पीड़ित पक्ष को मजबूर होकर न्यायालय में एक्जीक्यूशन केस दाखिल करना पड़ा। इसी मामले में न्यायालय ने कंपनी की चल संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है।
न्यायालय की इस कार्रवाई को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
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