कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

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  • उन्मूलन की स्थिति का डोजियर पेश कर सिविल सर्जन ने बताई प्रगति
  • संदिग्ध मरीजों की पहचान और नियमित निगरानी पर जोर
मुजफ्फरपुर। कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और समय पर मरीजों की पहचान को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को होटल रियल इन, दीवान रोड में जिला स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला हुई। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीवीबीडीसीओ), मुजफ्फरपुर के कार्यालय की ओर से किया गया। कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का सहयोग रहा।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन ने कालाजार उन्मूलन की स्थिति पर डोजियर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कालाजार के उन्मूलन के लक्ष्य को बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी लगातार जारी रखना जरूरी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और उपचार में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा पदाधिकारियों और वेक्टर जनित रोग नियंत्रण से जुड़े कर्मियों को अपने क्षेत्र में सक्रिय निगरानी रखने पर जोर दिया।
हर संदिग्ध मामले तक पहुंचने की रणनीति:
कार्यशाला में जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ), डब्लूएचओ जोनल कॉर्डिनेटर माधुरी देवराजू समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कालाजार की रोकथाम और उन्मूलन को लेकर चर्चा की। चिकित्सा पदाधिकारियों को बीमारी के लक्षणों की पहचान, संदिग्ध मामलों की जांच और उपचार से जोड़ने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। विभाग का जोर ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने पर रहा, जहां पहले कालाजार के मामले सामने आते रहे हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण:
कार्यक्रम में सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारी तथा वेक्टर जनित रोग नियंत्रण से जुड़े कर्मी शामिल हुए। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय की ओर से जारी पत्र में भी इन कर्मियों को प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए निर्देशित किया गया था।
कार्यशाला में पिरामल फाउंडेशन के इफ्तेखार सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि कालाजार उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोगी संस्थाओं और क्षेत्रीय स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। नियमित निगरानी, त्वरित जांच और समय पर उपचार से कालाजार के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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