मोतिहारी, अशोक वर्मा 1980 का दशक मोतिहारी के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है क्योंकि धार्मिक एवं आध्यात्मिक शक्ति स्थल का निर्माण स्टेशन से पश्चिमी रोड पर योगीराज शक्ति शरण महाराज उर्फ चंचल बाबा के द्वारा किया गया l उक्त आश्रम में इस वर्ष के चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा की भव्य तैयारी आरंभ हो गई हैl प्रतिवर्ष चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ पूजा,कीर्तन, सत्संग और भक्ति भाव के साथ होता हैl समापन के दिन जिले के अलावा नेपाल, हाजीपुर,सोनपुर पहलेजा घाट,दिल्ली, नोएडा के अलावा विदेश से भी कई शिष्य पहुंचते हैं एवं गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने गुरु के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद लेते हैंl उक्त अवसर पर सभी शिष्य गुरु दक्षिणा भी देते हैंl गुरु परंपरा में गुरु को हीं सर्वोपरि माना गया है, ऐसी मान्यता है कि गुरु हीं परमात्मा गोविंद से मिलाते हैl इस वर्ष गुरु पूर्णिमा की तैयारी के बारे में राम रसायन पत्रिका के संपादक अवकाश प्राप्त कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर राम निरंजन पांडे ने बताया कि प्रति वर्ष यहाँ भव्य आयोजन होता रहा हैl जैसे-जैसे प्राकृतिक प्रकोप के साथ विश्व में तनाव बढ़ रहा है, वैसे वैसे लोगों का अध्यात्म की ओर तेजी से झुकाव बढ़ रहा हैl वैसे इस आश्रम मे बहुत दूर-दूर से काफी लोग यहां प्रतिवर्ष आते हैंl साधु, महात्मा, संत भी विभिन्न मठ मंदिरों से यहां पहुंचते हैं, उनके साथ शिष्यों के लिए ठहरने की व्यवस्था भी यहां की जाती हैl लगातार चार-पांच दिनों तक लंगर चलता रहता है, भजन कीर्तन का भी सिलसिला चार दिनों तक पूरा चलता है, यह पूरा क्षेत्र भक्ति के वातावरण में डूब जाता हैl आश्रम के द्वार पर मेले का दृश्य हो जाता हैl इस बाबत संस्थापक चंचल बाबा ने बताया कि मेरे गुरु की कृपा से यह आश्रम आज भव्य स्वरूप में बन चुका है तथा शिष्यों के अलावा आम लोगों को दुख,तकलीफ,बीमारी,तनाव और परेशानी से राहत मिलती हैl
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